पेरिस।दुनिया में बढ़ती भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि वैश्विक राजनीति को स्थिर करने के लिए भारत और फ्रांस का मिलकर काम करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने यह बात बुधवार को पेरिस में फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बैरोट के साथ बैठक के दौरान कही।
बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने, वैश्विक हालात पर विचार-विमर्श तथा अगले महीने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा की तैयारियों पर चर्चा की गई। राष्ट्रपति मैक्रों एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आने वाले हैं।
जयशंकर ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक अनिश्चितता काफी बढ़ गई है, ऐसे में रणनीतिक साझेदारों के बीच नजदीकी परामर्श स्वाभाविक और आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच निरंतर संवाद इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में बेहद अहम भूमिका निभाता है।
विदेश मंत्री ने कहा कि फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है और यूरोप में भारत का पहला ऐसा साझेदार रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच जारी उच्चस्तरीय संवाद से यह साझेदारी और अधिक सुदृढ़ होगी।
जयशंकर ने यह भी याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने पिछले वर्ष फरवरी में पेरिस में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की थी, जो भारत-फ्रांस सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
उल्लेखनीय है कि जयशंकर की फ्रांस यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर कई घटनाक्रमों को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
