जीभ के रंग से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का पता लगाना एक पारंपरिक आयुर्वेदिक अभ्यास है। आयुर्वेद में माना जाता है कि शरीर के अंगों, विशेष रूप से जीभ, के रंग और स्थिति से शरीर में हो रही असंतुलन के बारे में संकेत मिल सकते हैं। जीभ के रंग, बनावट, और सतह पर दिखने वाली परतें विभिन्न बीमारियों के बारे में चेतावनी दे सकती हैं।
यहां हम जीभ के अलग-अलग रंगों और उनके साथ जुड़ी बीमारियों के संकेतों के बारे में जानकारी देंगे:
1. काली जीभ

संकेत:
- काली जीभ अक्सर शरीर में टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थ) जमा होने या किसी संक्रमण का परिणाम हो सकती है।
- यह पाचन तंत्र में गड़बड़ी, जैसे कि कब्ज, गैस, या आंतों में समस्या का संकेत हो सकती है।
- काली जीभ किसी गंभीर संक्रमण या बीमारी के कारण भी हो सकती है, जैसे कि मुंह में बैक्टीरिया का संक्रमण, पेट में अल्सर या हॉर्मोनल असंतुलन।
- किसी गंभीर बीमारी जैसे मल्टीपल स्केलेरोसिस या हाइपरथायरायडिज़्म के संकेत भी हो सकते हैं।
क्या करें:
- यदि जीभ का रंग काला हो और साथ में अन्य लक्षण जैसे बुखार, कमजोरी, या पेट में दर्द हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
2. पीली जीभ

संकेत:
- पीली जीभ आमतौर पर शरीर में अतिरिक्त पित्त (Bile) के होने का संकेत होती है।
- यह पाचन समस्याओं, जैसे एसिडिटी, पेट में जलन, और लिवर या पित्ताशय की समस्याओं को दर्शा सकती है।
- पीली जीभ का रंग मलेरिया, जॉन्डिस, या पेट में संक्रमण के कारण भी हो सकता है।
- तनाव या खराब आहार की वजह से भी पीली जीभ हो सकती है।
क्या करें:
- पीली जीभ का इलाज संतुलित आहार, पानी का सेवन और पित्त को संतुलित रखने से हो सकता है, लेकिन लिवर या पित्ताशय की समस्या के मामले में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
3. सफेद जीभ

संकेत:
- सफेद जीभ हाइड्रेशन की कमी, पाचन समस्याओं, या सांस की बदबू के कारण हो सकती है।
- यह पेट में एसिड रिफ्लक्स (acid reflux) या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का भी संकेत हो सकता है।
- सफेद जीभ के कारण मुंह का संक्रमण, जैसे कैंडिडा (yeast infection) या मौखिक थ्रश (oral thrush) हो सकते हैं, जो आमतौर पर कम इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों में होता है।
- सफेद जीभ का रंग तब भी दिखाई दे सकता है जब व्यक्ति में कमजोर पाचन, फंगल इन्फेक्शन, या स्वस्थ आंतों की बैक्टीरिया असंतुलन हो।
क्या करें:
- यदि सफेद जीभ लंबे समय तक बनी रहे, तो इसका इलाज आंतरिक संक्रमण के लिए दवाओं द्वारा किया जा सकता है। साफ-सफाई, हाइड्रेशन और पेट की सेहत पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
4. लाल जीभ

संकेत:
- लाल जीभ आमतौर पर विटामिन या खनिज की कमी जैसे विटामिन B12, आयरन, या फोलिक एसिड की कमी का संकेत देती है।
- यह हाइपरथायरायडिज़्म, हृदय रोग, या डायबिटीज़ जैसे गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों का भी संकेत हो सकती है।
- लाल जीभ के साथ साथ सूजन और दर्द होना भी मुँह के कैंसर या अन्य गंभीर स्थितियों का संकेत हो सकता है।
- कभी-कभी यह वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन जैसे स्कारलेट फीवर या लाल रक्त कोशिका की बीमारी का परिणाम हो सकती है।
क्या करें:
- यदि जीभ लाल हो और साथ में सूजन, दर्द, या अन्य गंभीर लक्षण हों, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। यह समस्या विटामिन की कमी का संकेत हो सकती है, जिसे सही आहार से ठीक किया जा सकता है, लेकिन गंभीर स्थितियों के लिए चिकित्सीय सलाह की आवश्यकता है।
जीभ के रंग से स्वास्थ्य की स्थिति का निर्धारण कैसे करें:
- आहार और पानी की कमी: उचित हाइड्रेशन और संतुलित आहार से जीभ के रंग में बदलाव आ सकता है। पर्याप्त पानी पीने से सफेद जीभ में सुधार हो सकता है।
- स्वास्थ्य जांच: यदि जीभ के रंग में असामान्य परिवर्तन दिखाई दे, तो स्वास्थ्य की जांच करना और डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है।
- स्वच्छता: जीभ की सफाई, ब्रशिंग और नियमित मुंह के स्वच्छता से बहुत सारी समस्याओं से बचा जा सकता है।
निष्कर्ष:
जीभ का रंग और उसका स्वरूप आपके स्वास्थ्य के बारे में कई संकेत दे सकता है। किसी भी असामान्य रंग परिवर्तन को नजरअंदाज न करें और यदि लक्षण गंभीर हों तो चिकित्सक से संपर्क करें। स्वस्थ जीभ न केवल अच्छे पाचन का संकेत है, बल्कि यह समग्र स्वास्थ्य को भी दर्शाती है।