Tamil Nadu की राजनीति और फिल्म जगत में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब अभिनेता शिवकार्तिकेयन की हालिया रिलीज फिल्म ‘पराशक्ति’ (Parasakthi) को लेकर तमिलनाडु यूथ कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। यूथ कांग्रेस ने फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, जिससे कांग्रेस पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया गया है।
10 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म 1960 के दशक के छात्र आंदोलनों और हिंदी विरोधी प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। हालांकि, यूथ कांग्रेस का दावा है कि फिल्म में घटनाओं को काल्पनिक और भ्रामक तरीके से दिखाया गया है।
यूथ कांग्रेस के गंभीर आरोप
तमिलनाडु यूथ कांग्रेस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अरुण भास्कर ने फिल्म को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ‘पराशक्ति’ एक DMK समर्थक फिल्म है, जो तमिल समर्थक लेकिन हिंदू विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देती है।
भास्कर ने आरोप लगाया कि फिल्म में यह गलत तरीके से दिखाया गया है कि आजादी के बाद पोस्ट ऑफिस के फॉर्म केवल हिंदी में भरने की अनुमति थी, जबकि ऐसा कोई आधिकारिक आदेश कभी जारी नहीं हुआ। उन्होंने इसे पूरी तरह से मनगढ़ंत कहानी करार दिया।
1965 भाषा आंदोलन के चित्रण पर सवाल
अरुण भास्कर ने फिल्म में दिखाए गए 1965 के भाषा विवाद के दृश्य पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “1965 में कांग्रेस सरकार ने कभी यह घोषणा नहीं की थी कि पूरे देश में पोस्ट ऑफिस के फॉर्म केवल हिंदी में होंगे। यह दृश्य कांग्रेस को बदनाम करने के उद्देश्य से गढ़ा गया है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि फिल्म में शिवकार्तिकेयन के किरदार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से हिंदी थोपने के विरोध में मुलाकात करते हुए दिखाया गया है, जबकि यह मुलाकात कभी हुई ही नहीं।
इंदिरा गांधी से जुड़े दृश्य पूरी तरह काल्पनिक?
भास्कर ने कहा कि फिल्म में दिखाया गया है कि 12 फरवरी 1965 को इंदिरा गांधी कोयंबटूर गई थीं, जबकि ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार वह उस दिन वहां मौजूद ही नहीं थीं। उन्होंने फिल्म में दिखाए गए जलती हुई ट्रेन के दृश्य को भी पूरी तरह से बेबुनियाद और तथ्यहीन बताया।
क्लाइमेक्स सीन पर भी आपत्ति
यूथ कांग्रेस ने फिल्म के क्लाइमेक्स पर भी सवाल उठाए हैं। भास्कर का आरोप है कि इसमें इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और के. कामराज की वास्तविक तस्वीरों का उपयोग करते हुए कांग्रेस पर पोलाची में 200 से अधिक तमिल लोगों की हत्या का आरोप लगाया गया है, जिसका कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है।
उन्होंने कहा, “इतने गंभीर आरोप के समर्थन में एक भी सबूत मौजूद नहीं है। यह इतिहास के साथ खुला खिलवाड़ है।”
बैन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
तमिलनाडु यूथ कांग्रेस ने फिल्म के आपत्तिजनक दृश्यों को तुरंत हटाने, प्रोडक्शन टीम से सार्वजनिक माफी और फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। भास्कर ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो पार्टी कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी।
फिल्म को लेकर मेकर्स की चुप्पी
सुधा कोंगारा प्रसाद द्वारा निर्देशित फिल्म पराशक्ति में शिवकार्तिकेयन, रवि मोहन, अथर्व और श्रीलीला मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। हालांकि, अब तक फिल्म के निर्माताओं या शिवकार्तिकेयन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
आगे क्या?
एक ओर जहाँ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है, वहीं राजनीतिक विरोध के चलते इसकी स्क्रीनिंग पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।
