कुम्हारी, केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत के किसानों ने अपनी मेहनत से देश की दिशा और दशा बदल दी है। वर्तमान में कृषि की विकास दर 4.45 प्रतिशत है, और कृषि क्षेत्र में एक-दो प्रतिशत की वृद्धि भी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ फल, सब्जी, मसाले, फूल एवं औषधीय फसलों की खेती और उन्नत तकनीक अपनाना आवश्यक है।
कुम्हारी में आयोजित किसान मेला में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत चावल उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच चुका है और 18 करोड़ टन चावल का उत्पादन हुआ है। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। फल और सब्जी उत्पादन में भी देश ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है और लोगों के दैनिक जीवन में फलों की खपत बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती को लाभ का व्यवसाय बनाना जरूरी है। इसके लिए उन्नत बीज, नई तकनीक और विविध फसलों को अपनाना होगा। आज छत्तीसगढ़ में उत्पादित सब्जियां देश के अन्य राज्यों तक पहुंच रही हैं।
खेतों में नवाचार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां बैंगन की जड़ों पर टमाटर और तीखी मिर्च में शिमला मिर्च उगाई जा रही है। गन्ना, कपास, केला, ब्लूबेरी और ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों की खेती भी की जा रही है। किसानों ने बताया कि जहां धान की परंपरागत खेती में 35 से 40 हजार रुपये की बचत होती है, वहीं सब्जी की खेती से प्रति एकड़ दो लाख रुपये तक शुद्ध लाभ संभव है।
प्रगतिशील किसानों ने हाईटेक मंडी और प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि की मांग रखी, जिस पर मंत्री ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। नकली खाद और बीज की समस्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि संसद के आगामी सत्र में सीड एक्ट लाया जाएगा ताकि खराब बीज देने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके। साथ ही कीटनाशक कानून भी लाने की बात कही। अनुसंधान और रिसर्च को पूरा समर्थन देने की बात भी उन्होंने कही। फरवरी में दिल्ली में होने वाले कृषि चिंतन शिविर में प्रगतिशील किसानों को आमंत्रित किया गया।
प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में हो रही प्रगति में युवा और प्रगतिशील किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समारोह में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवा किसानों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद विजय बघेल, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डे, पूर्व विधायक देवजीभाई पटेल, डॉ. दया राम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
