छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शुक्रवार को हंगामेदार बहस देखने को मिली। विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक कई मुद्दों पर हुई। सदन में दंतेवाड़ा सड़क परियोजना, अस्पतालों में फायर सेफ्टी, और नक्सल घटनाओं को लेकर बहस ने जोर पकड़ा।
दंतेवाड़ा सड़क परियोजना पर सवाल
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने डिप्टी सीएम विजय शर्मा से दंतेवाड़ा में DMF मद से स्वीकृत सड़क परियोजना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए।
- चंद्राकर ने कहा कि परियोजना में गड़बड़ियां हुई हैं और मंत्री जवाब देने में असफल रहे।
- डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बाद में जांच की घोषणा की और परियोजना में लापरवाही पाए जाने पर 4 अधिकारियों के निलंबन का आश्वासन दिया।
अस्पतालों में फायर सेफ्टी पर चर्चा
बीजेपी विधायक धर्मजीत सिंह ने अस्पतालों में फायर सेफ्टी प्रावधानों और उनके ऑडिट को लेकर सवाल उठाए।
- स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने बताया कि फायर सेफ्टी ऑडिट नियमित रूप से कराया जाता है।
- मंत्री ने कहा कि लापरवाही पर जुर्माना लगाया जाता है और सुधार की प्रक्रिया जारी है।
- विपक्ष ने इसे लेकर सरकार की निष्क्रियता का मुद्दा उठाया।
नक्सल मुद्दे पर गरमागरम बहस
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने नक्सल घटनाओं और फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने नक्सल मुठभेड़ों के आंकड़े पेश किए:
- 1 जुलाई से नवंबर 2024 के बीच:
- 142 नक्सल मुठभेड़ें।
- 5 जवान शहीद, 34 घायल।
- 24 आम नागरिकों की हत्या।
- 76 नक्सली मारे गए और 338 गिरफ्तार।
- विपक्ष ने आरोप लगाया कि कई मुठभेड़ें फर्जी एनकाउंटर थीं।
सदन में तीखी बहस और तनाव
- मंत्री और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें विपक्ष ने सरकार पर “केवल भाषण देने” का आरोप लगाया।
- सदन में स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह सत्र हंगामेदार रहा, जिसमें विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की। हालांकि, सरकार ने जांच और सुधार के आश्वासन दिए, लेकिन विपक्ष ने इसे नाकाफी बताया।