छत्तीसगढ़ की टॉप 10 भाजी और उनके फायदे
छत्तीसगढ़ में कई प्रकार की हरी भाजी (सब्जियां) पाई जाती हैं, जो पोषण से भरपूर होती हैं और स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। ये भाजी स्थानीय व्यंजनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और आयुर्वेद में भी इनका विशेष महत्व बताया गया है।
Contents
छत्तीसगढ़ की टॉप 10 भाजी और उनके फायदे1. चंच भाजी (चौराई भाजी / अमरंथ भाजी)फायदे:2. कोसरा भाजी (कोसटा / कोसड़ा साग)फायदे:3. करमत्ता भाजीफायदे:4. बोड़ा भाजी (बोडी भाजी)फायदे:5. बथुआ भाजीफायदे:6. मुनगा भाजी (सहजन के पत्ते)फायदे:7. लाल भाजी (रेड अमरंथ / लाल चौराई भाजी)फायदे:8. कुम्हड़ा भाजी (कद्दू के पत्ते)फायदे:9. सेमी भाजी (सेम के पत्ते और फली)फायदे:10. कुलफा भाजी (पुर्सलेन / कुलफा साग)फायदे:निष्कर्ष:
1. चंच भाजी (चौराई भाजी / अमरंथ भाजी)
फायदे:
- आयरन और कैल्शियम से भरपूर, हड्डियों को मजबूत बनाती है।
- खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने में सहायक।
- पाचन तंत्र को सुधारती है और कब्ज में राहत देती है।
2. कोसरा भाजी (कोसटा / कोसड़ा साग)
फायदे:
- शरीर को ठंडा रखती है और गर्मी में उपयोगी होती है।
- लिवर और किडनी को डिटॉक्स करने में मददगार।
- इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक।
3. करमत्ता भाजी
फायदे:
- ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक, डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद।
- हड्डियों को मजबूत करने के लिए कैल्शियम और मैग्नीशियम युक्त।
- पाचन में सुधार और पेट की समस्याओं से राहत।
4. बोड़ा भाजी (बोडी भाजी)
फायदे:
- जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत देती है।
- एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर, त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद।
- हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छी।
5. बथुआ भाजी
फायदे:
- शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है (डिटॉक्सिफिकेशन)।
- वजन कम करने में मददगार।
- आंखों की रोशनी बढ़ाने और हड्डियों को मजबूत करने में सहायक।
6. मुनगा भाजी (सहजन के पत्ते)
फायदे:
- इम्यूनिटी को बढ़ाने में मददगार।
- एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण जोड़ों के दर्द में राहत।
- खून की सफाई और पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है।
7. लाल भाजी (रेड अमरंथ / लाल चौराई भाजी)
फायदे:
- एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर, शरीर को रोगों से बचाती है।
- आयरन से भरपूर, एनीमिया में फायदेमंद।
- त्वचा और बालों के लिए लाभकारी।
8. कुम्हड़ा भाजी (कद्दू के पत्ते)
फायदे:
- ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक।
- हृदय और किडनी के लिए फायदेमंद।
- पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार।
9. सेमी भाजी (सेम के पत्ते और फली)
फायदे:
- प्रोटीन और फाइबर से भरपूर, पाचन तंत्र के लिए अच्छी।
- वजन नियंत्रित करने में सहायक।
- डायबिटीज मरीजों के लिए लाभदायक।
10. कुलफा भाजी (पुर्सलेन / कुलफा साग)
फायदे:
- ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर, हृदय के लिए फायदेमंद।
- ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित करने में सहायक।
- त्वचा और बालों को हेल्दी बनाए रखने में मददगार।
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ की ये पारंपरिक भाजी न सिर्फ स्वादिष्ट होती हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभदायक हैं। इनका नियमित सेवन करने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और बीमारियों से बचाव होता है। इन्हें अपने आहार में शामिल करके सेहतमंद जीवन जिया जा सकता है।