विधानसभा में गूंजा रामा बिल्डकॉन का मामला, अमलीडीह की शासकीय भूमि आवंटन हुआ निरस्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान अमलीडीह में शासकीय भूमि के कथित अवैध आवंटन का मामला उठा। सत्तारूढ़ दल के विधायक धरमलाल कौशिक ने इस मुद्दे को सदन में रखते हुए रामा बिल्डकॉन द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर सवाल किया।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जवाब में स्पष्ट किया कि वर्ष 2024 में विधायक मोतीलाल साहू ने मुख्यमंत्री और संभागीय आयुक्त को पत्र लिखकर रामा बिल्डकॉन को दी गई शासकीय भूमि के आवंटन को निरस्त करने की मांग की थी। शिकायत के आधार पर जांच कराई गई और जांच प्रतिवेदन के बाद 17 दिसंबर 2024 को शासकीय भूमि खसरा नंबर 233/1 और 233/5, कुल रकबा 3.203 हेक्टेयर के आवंटन को रद्द कर दिया गया।
इसके अलावा, अमलीडीह के ही खसरा नंबर 252 (रकबा 0.324 हेक्टेयर) पर अतिक्रमण की शिकायत भी दर्ज की गई थी। इस संबंध में प्राप्त शिकायत को जिला कलेक्टर रायपुर को नियमानुसार कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
क्या है मामला?
अमलीडीह में शासकीय भूमि को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। आरोप था कि रामा बिल्डकॉन को सरकारी जमीन का अवैध आवंटन किया गया था। इसे लेकर विधायक मोतीलाल साहू और अन्य स्थानीय लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के बाद सरकार ने भूमि आवंटन को निरस्त कर दिया है।
अब क्या होगा?
सरकार द्वारा निरस्त की गई भूमि को अब नवीन शासकीय महाविद्यालय अमलीडीह को सौंपे जाने की संभावना है। वहीं, अन्य अतिक्रमण मामलों पर भी जिला प्रशासन द्वारा जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।