महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए अब डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जल्द ही क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करके आम नागरिक मनरेगा योजना से जुड़ी पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने हाल ही में जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर और सोनहत के सचिवों व रोजगार सहायकों की बैठक लेकर इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए थे। सोनहत जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत अकलासरई से क्यूआर कोड लगाए जाने का कार्य प्रारंभ भी हो गया है।
मनरेगा आयुक्त तारण सिन्हा के निर्देशानुसार, सितंबर माह के अंत तक जिले की सभी पंचायतों में क्यूआर कोड चस्पा कर दिए जाएंगे। इन्हें स्कैन करने पर ग्राम पंचायत में चल रहे, पूर्ण एवं स्वीकृत कार्यों की जानकारी मिलेगी। साथ ही बीते तीन वर्षों में कराए गए कार्यों का पूरा ब्यौरा भी सिर्फ एक स्कैन से उपलब्ध होगा।
क्यूआर कोड के माध्यम से ग्रामीणों को जॉब कार्ड संख्या, 100 दिन रोजगार प्राप्त करने वाले परिवारों की संख्या, मानव दिवस की जानकारी सहित अन्य मूलभूत जानकारियां भी तुरंत मिल सकेंगी।
कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने बताया कि शासन की इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि आम नागरिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। उनका कहना है कि जिले में यह कदम जमीनी स्तर पर पारदर्शिता और जनसहभागिता को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।
