खरीफ सीजन से पहले ‘वन-टू-वन’ समीक्षा बैठक, जैविक खेती और तेल मिल की स्थापना पर भी चर्चा
कोरिया, 21 अप्रैल 2025। आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट सभा कक्ष, कोरिया में कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, मत्स्य और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
🌱 धान की जगह दलहन-तिलहन को प्राथमिकता
कलेक्टर त्रिपाठी ने कहा कि परंपरागत धान की खेती की जगह दलहन एवं तिलहन फसलों जैसे मूंग, उड़द, मूंगफली, तिल, सरसों और मक्का को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ये फसलें बेहतर आमदनी, पोषण और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होंगी।
📢 किसानों को गांव-गांव जाकर करें जागरूक
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करें और इन लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित करें।
सरकार द्वारा उचित बाजार उपलब्ध कराने और समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया गया।
🛢️ तिलहन उत्पादन को प्राथमिकता, तेल मिल की स्थापना की योजना
नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल 2025-26 के तहत तिलहन उत्पादन को जिले में प्राथमिकता दी जाएगी।
रकबा बढ़ने की स्थिति में तेल मिल की स्थापना का प्रयास किया जाएगा, जिससे स्थानीय प्रसंस्करण और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
🌿 जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा
कलेक्टर ने कहा कि जैविक खेती की ओर रुझान बढ़ रहा है। इससे किसानों को बेहतर दाम, भूमि की उर्वरता और स्वस्थ समाज का लाभ मिलेगा।
बैठक में खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण की निगरानी के निर्देश दिए गए।
📋 अन्य निर्देश और योजनाएं
- फसल बीमा योजना के ऑप्ट आउट विकल्प के सफल क्रियान्वयन पर जोर
- वनाधिकार पट्टाधारी किसानों को पीएम किसान योजना से जोड़ने हेतु पोर्टल पर नियमित पंजीयन के निर्देश
- मिलेट्स (श्री अन्न) की खेती को बढ़ावा देने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
- कोरिया जिले का बीज उत्पादन में सरगुजा संभाग में प्रथम स्थान पर होना – गर्व की बात
👥 बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में कृषि, मत्स्य, पशुपालन, सहकारिता विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने सभी विभागों से राज्य स्तर पर अग्रणी बनने के लिए अधिक परिश्रम करने का आग्रह किया।
निष्कर्ष:
कोरिया जिले में खरीफ सीजन से पहले की गई यह पहल किसानों की आय दोगुनी करने, कृषि विविधता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए एक ठोस प्रयास है।