कबीरधाम के सूरज, दीपाली, अभिषेक और अनुराग ने नेपाल में लहराया तिरंगा, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते स्वर्ण पदक
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के चार होनहार खिलाड़ियों ने नेपाल के पोखरा शहर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग एवं वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में देश का परचम लहराते हुए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त भारतीय खेल संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत सहित सात देशों के 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से कबीरधाम के सूरज राजपूत, दीपाली सोनी, अभिषेक तिवारी और अनुराग जांगड़े ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
सूरज राजपूत बने इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल
बॉडीबिल्डिंग स्पर्धा में कबीरधाम के सूरज राजपूत ने सात देशों के दिग्गजों को पछाड़ते हुए ‘इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल’ का खिताब जीता। मिस्टर छत्तीसगढ़ रह चुके सूरज वर्तमान में कवर्धा के भारत हेल्थ क्लब में कोच हैं और 50 से अधिक युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। सूरज ने अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और खेल मंत्री श्री टंक राम वर्मा को देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के युवाओं को प्रेरणा देगी।
दीपाली सोनी बनीं जिले की पहली महिला स्वर्ण विजेता वेटलिफ्टर
76 किलोग्राम वर्ग में दीपाली सोनी ने स्वर्ण पदक जीतकर कबीरधाम की पहली महिला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण विजेता वेटलिफ्टर होने का गौरव हासिल किया। दीपाली ने कहा, “नेपाल जाकर तिरंगा लहराना मेरे लिए सपना था, जो अब पूरा हुआ। मुझे विश्वास है कि अब और भी बेटियां इस क्षेत्र में आगे आएंगी।”
अभिषेक तिवारी और अनुराग जांगड़े ने सब-जूनियर वर्ग में रचा इतिहास
67 किलोग्राम कैटेगरी में सब-जूनियर वर्ग के अभिषेक तिवारी और 109 किलोग्राम में 14 वर्षीय अनुराग जांगड़े ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। दोनों ने इसे अपने कोच सूरज राजपूत की मेहनत और मार्गदर्शन का नतीजा बताया।
कोच सूरज राजपूत की मेहनत रंग लाई
गौरतलब है कि इन चारों खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वाले सूरज राजपूत खुद एक अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता हैं और जिले में वर्षों से निःशुल्क कोचिंग देकर युवाओं को तराश रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब उनकी अगली तैयारी दुबई में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए जारी है।
नेपाल में कबीरधाम के इन सितारों ने न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेगा।