छत्तीसगढ़ का राजकीय फल “कटहल” (Jackfruit) है। यह राज्य के वनस्पति और कृषि संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कटहल को छत्तीसगढ़ सरकार ने 2023 में राज्य का राजकीय फल घोषित किया। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य राज्य की जैव-विविधता, पारंपरिक खेती और आर्थिक महत्व को बढ़ावा देना है।
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कटहल के बारे में संपूर्ण जानकारी:
1. वैज्ञानिक नाम:
- आर्टोकार्पस हेटरोफायलस (Artocarpus heterophyllus)
2. उत्पत्ति:
- कटहल की उत्पत्ति भारत में मानी जाती है और यह देश के अधिकांश भागों में उगाया जाता है। छत्तीसगढ़ में यह विशेष रूप से पारंपरिक फलों में से एक है।
3. पोषण मूल्य:
- कटहल में विटामिन ए, सी, पोटैशियम, कैल्शियम, और आयरन भरपूर मात्रा में होता है।
- यह फाइबर का एक अच्छा स्रोत है और पाचन के लिए लाभकारी है।
- कटहल के बीज भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं।
4. उपयोग:
- कटहल को सब्जी, अचार, मिठाई और चिप्स बनाने में उपयोग किया जाता है।
- इसके बीजों को भी विभिन्न व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है।
- इसे आयुर्वेद में औषधि के रूप में भी उपयोग किया जाता है।
5. छत्तीसगढ़ में महत्व:
- छत्तीसगढ़ में कटहल का पारंपरिक और सांस्कृतिक महत्व है।
- कटहल राज्य के आदिवासी समुदायों की भोजन और आय का प्रमुख स्रोत है।
- जंगलों में स्वाभाविक रूप से उगने वाला कटहल स्थानीय जैव-विविधता का हिस्सा है।
6. आर्थिक महत्व:
- कटहल के व्यवसायिक उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि होती है।
- इसका प्रसंस्करण उद्योग (चिप्स, पैक्ड सब्जी) भी स्थानीय रोजगार सृजन में सहायक है।
7. कृषि और पर्यावरण में योगदान:
- कटहल का पेड़ पर्यावरण के लिए अनुकूल है क्योंकि यह मिट्टी को समृद्ध करता है।
- यह गर्म जलवायु में आसानी से बढ़ता है और जल संरक्षण में सहायक होता है।
छत्तीसगढ़ में कटहल को राजकीय फल घोषित करना न केवल कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने की पहल है, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी और परंपराओं को संरक्षित करने का भी प्रयास है।