रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन को नारी शक्ति का प्रेरक उदाहरण बताया। इस अवसर पर मंत्री ने अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को नारी सशक्तिकरण के संदर्भ में रेखांकित किया और राज्य सरकार की योजनाओं को साझा किया।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, “रानी अहिल्याबाई होलकर का जीवन त्याग, सेवा और न्याय की मूर्ति रहा। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने राज्य और समाज को एक नई दिशा दी। उनके कार्य इस बात का प्रमाण हैं कि यदि नारी को अवसर और अधिकार मिलें, तो वे समाज और राष्ट्र को दिशा दे सकती हैं।”
अहिल्याबाई होलकर की प्रेरणा से योजनाएं
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।

महतारी वंदन योजना:
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार ने महतारी वंदन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक करीब 70 लाख महिलाओं को 15 किश्तों में 9788.78 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।
महिला स्वावलंबन योजनाएं:
महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
महिलाओं की सुरक्षा:
राज्य सरकार ने महिला हेल्पलाइन 181, वन स्टॉप सेंटर, फास्ट ट्रैक कोर्ट और विधिक सहायता जैसे उपाय लागू किए हैं ताकि प्रत्येक महिला को न्याय और सुरक्षा मिल सके।
‘हर नारी बने समर्थ’
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर महिला सशक्त, सुरक्षित और सम्मानित जीवन जी सके। रानी अहिल्याबाई होलकर जी के आदर्शों पर चलते हुए हम शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के चार स्तंभों पर कार्य कर रहे हैं।”
मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस अभियान में सहभागी बनें और नारी शक्ति को राष्ट्र शक्ति में बदलने में योगदान दें। उन्होंने कहा, “जब नारी सशक्त होगी तभी विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।”