रायपुर। रायपुर के नवीन शासकीय निवास कार्यालय में एकादशी करमा तिहार का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिरकत की। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल समेत कई विधायक और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
सीएम साय की शुभकामनाएं और संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने एकादशी करमा तिहार की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “यह त्योहार विशेष रूप से अविवाहित बेटियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो करमा डारा की पूजा-अर्चना के लिए उपवास रखती हैं। भारत तीज-त्योहारों का देश है, और छत्तीसगढ़ इसकी मिसाल है, जहां अनेक परंपराएं और उत्सव मनाए जाते हैं।” उन्होंने आदिवासी समाज की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की आजादी में भी आदिवासी समुदाय का बड़ा योगदान रहा है।

सीएम ने बताया कि छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष मना रहा है। उन्होंने करमा तिहार को एकजुटता का माध्यम बताते हुए कहा, “यह त्योहार अविवाहित बेटियों के लिए मंगलकामना का प्रतीक है, और विभिन्न उद्देश्यों से आदिवासी समाज इसे मनाता है। इसे जीवित रखना हमारी जिम्मेदारी है।”
आदिवासी विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हमारी सरकार आदिवासी समाज के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए आदिम जाति कल्याण विभाग का गठन किया गया है, और राज्य में विभिन्न प्राधिकरण बनाए गए हैं, जो आदिवासियों के उत्थान में सहायक हो रहे हैं।” उन्होंने नई उद्योग नीति का जिक्र करते हुए बताया कि यह नीति आदिवासी समाज के बेटों-बेटियों को आगे बढ़ाने में मददगार होगी।

सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व
कार्यक्रम में मौजूद मंत्रियों और विधायकों ने भी आदिवासी परंपराओं को संरक्षित करने और समाज के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। करमा तिहार के दौरान आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और उत्साहपूर्ण बनाया। सीएम साय ने इस अवसर पर समाज को एकजुट होने और अपनी संस्कृति को गर्व से अपनाने का आह्वान किया।
