रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में जशपुर जिला अब एक पावर हब के रूप में उभर कर सामने आया है। बीते दो वर्षों में जिले की विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने कई रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णय लिए, जिससे बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
400/220 केवी उपकेंद्र हर्राडांड में होगा निर्माण
सरकार ने जशपुर के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को स्वीकृति दी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा। यह उपकेंद्र न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए विद्युत आपूर्ति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
अन्य उपकेंद्र और सब-स्टेशन परियोजनाएं
फरसाबहार और झिक्की-बगीचा में 132/33 केवी उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे बढ़ते विद्युत भार का संतुलन बेहतर होगा। इसके अलावा सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा और चेटवा में 33/11 केवी सब-स्टेशन के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी गई है। सभी परियोजनाओं की प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ होगा।
कुनकुरी में मिनी डिपो स्टोर से मिली राहत
मुख्यमंत्री साय की पहल पर कुनकुरी विकासखंड में उप-क्षेत्रीय भंडार (मिनी डिपो स्टोर) स्थापित किया गया है। अब खराब या जले ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन के लिए दूरस्थ भंडारों पर निर्भरता समाप्त हो गई है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है और विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल हो रही है।
प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया गया
जिले में विद्युत प्रशासन को और प्रभावी बनाने के लिए कुनकुरी में वृत्त कार्यालय, संभागीय कार्यालय, एसटीएम संभागीय कार्यालय, सतर्कता संभागीय कार्यालय, वितरण भंडार, तपकरा उप-संभागीय कार्यालय और वितरण केंद्र की स्थापना की गई है। इन कार्यालयों के संचालन से निगरानी, रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार हुआ है।
लो वोल्टेज की समस्या से मिली राहत
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए 117 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल रही है, वहीं घरेलू उपभोक्ता, व्यापार और लघु उद्योग भी स्थिर विद्युत आपूर्ति का लाभ पा रहे हैं।
बिजली से विकास को नई रफ्तार
जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर को मिली विद्युत सौगातों से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में विकास को भी नई गति मिली है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
निस्संदेह, साय सरकार की ये पहलें जशपुर को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
