रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अगस्त से अपने पहले अंतरराष्ट्रीय दौरे पर रवाना होंगे। यह 10 दिवसीय दौरा जापान और दक्षिण कोरिया में केंद्रित रहेगा, जहां वे निवेश, औद्योगिक विकास और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री का यह पहला विदेश दौरा राज्य के वैश्विक निवेश आकर्षण और औद्योगिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल और दौरे का शेड्यूल
मुख्यमंत्री साय के साथ इस दौरे में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, और उद्योग सचिव रजत कुमार शामिल होंगे। दिल्ली से रवाना होने के बाद 21 अगस्त को वे जापान पहुंचेंगे, जहां उनका प्रवास 21 से 26 अगस्त तक रहेगा। इसके बाद वे दक्षिण कोरिया के लिए प्रस्थान करेंगे और 31 अगस्त को दिल्ली लौटेंगे।
जापान में निवेश और औद्योगिक साझेदारी पर फोकस
जापान में मुख्यमंत्री का ध्यान स्थानीय उद्योगपतियों, निवेशकों और अधोसंरचना क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों से मुलाकात पर रहेगा। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने और राज्य में हरित और टिकाऊ विकास परियोजनाओं को गति देने पर चर्चा होगी। विशेष रूप से, स्टील, खनन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में जापानी निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया जाएगा।
दक्षिण कोरिया में उद्योग और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर चर्चा
जापान दौरे के बाद सीएम साय दक्षिण कोरिया जाएंगे, जहां उद्योग, प्रौद्योगिकी और अधोसंरचना के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने के लिए उच्चस्तरीय बैठकें होंगी। दक्षिण कोरिया की अग्रणी कंपनियों के साथ मुलाकात में स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। यह दौरा छत्तीसगढ़ को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
छत्तीसगढ़ के लिए नए अवसर
मुख्यमंत्री साय का यह दौरा राज्य में निवेश और रोजगार सृजन के नए अवसर खोलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस दौरे के माध्यम से न केवल विदेशी निवेश को आकर्षित किया जाए, बल्कि तकनीकी नवाचार और टिकाऊ विकास को भी बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ को ‘विकसित भारत’ के सपने का एक मजबूत स्तंभ बनाना है। यह दौरा राज्य में औद्योगिक प्रगति और रोजगार सृजन के लिए मील का पत्थर साबित होगा।”