मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय स्थित सभागार में राज्य की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को निर्देश दिए कि वे अपने विभागों के लिए आगामी तीन वर्षों की स्पष्ट एवं परिणाम-उन्मुख कार्ययोजना तैयार करें, ताकि प्रदेश में प्रशासनिक कार्यों की गति और दक्षता में और वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि शासन का मूल उद्देश्य जनता के हित में सतत और प्रभावी कार्य करना है।
बजट मद, योजनाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति की की गई समीक्षा
बैठक में वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल नई मदों, योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। विभागवार लक्ष्य और उपलब्धियों के आधार पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
साथ ही, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की SNA-Sparsh प्रणाली में ऑनबोर्डिंग और भुगतान की अद्यतन स्थिति, प्रमुख योजनाओं की क्रियान्वयन प्रगति, नवीन मद प्रस्तावों की स्थिति, वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति, तथा पूंजीगत व्यय की जानकारी जैसे सभी प्रमुख बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
इसके अलावा बजट प्रावधान के अनुरूप वास्तविक व्यय और विभागों में ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति पर भी विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।
एबीएएस और ई-ऑफिस को दुरुस्त तरीके से लागू करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति (ABAS) प्रणाली को सभी विभागों में सही तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष तक ई-ऑफिस प्रणाली को न केवल संचालनालयों में बल्कि जिला स्तर पर भी पूरी तरह सुचारु रूप से लागू किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभागों के स्थापना प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि भृत्दै पोर्टल पर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण रूप से ऑनबोर्ड हो जाएं।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक सुधारात्मक और प्रगतिशील कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में सभी विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव तथा संचालनालय स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
