कोयला क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’ पर जोर, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IISD) तथा स्वनिति इनिशिएटिव की संयुक्त अध्ययन रिपोर्ट ‘मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़’ का विमोचन किया। इस दौरान दोनों संस्थाओं के शोधकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट कर राज्य में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा दक्ष तकनीकों और पर्यावरण हितैषी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए नीतिगत स्तर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
शोधकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को भारत के 52 कोयला उत्पादक जिलों के लिए तैयार किए गए ‘एनर्जी ट्रांज़िशन वल्नरेबिलिटी इंडेक्स’ की विस्तृत जानकारी भी दी। इंडेक्स में यह स्पष्ट किया गया है कि पारंपरिक कोयला क्षेत्रों में बदलते ऊर्जा परिदृश्य के बीच ‘जस्ट ट्रांज़िशन’— यानी आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से न्यायपूर्ण बदलाव—अत्यंत आवश्यक है।
अध्ययन टीम के अनुसार यह इंडेक्स पुराने कोयला क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार संरचना में संभावित बदलाव, और वैकल्पिक आजीविका के अवसरों के आकलन का महत्वपूर्ण उपकरण है। शोधकर्ताओं ने बताया कि ऊर्जा संक्रमण की प्रक्रिया में कोयला क्षेत्रों की संवेदनशीलता को समझना दीर्घकालिक नीतिगत निर्णयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को गति देने तथा ग्रामीण और औद्योगिक इलाकों में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए ठोस उपाय लागू कर रही है। उन्होंने विशेषज्ञों को भरोसा दिलाया कि सरकार न्यायपूर्ण ऊर्जा बदलाव के सिद्धांतों पर आगे बढ़ते हुए कोयला क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन और वैकल्पिक विकास मॉडल को प्राथमिकता देगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और ऊर्जा विभाग के सचिव श्री रोहित यादव भी उपस्थित थे।
