अभिभावकों से की भावनात्मक अपील, स्वयं भाई को लेकर पहुंचीं पोलियो बूथ
जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 21 दिसंबर 2025 को 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा रही है। कलेक्टर श्री डी. राहुल वेंकट के दिशा-निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में जिले के लगभग 542 पोलियो बूथों पर 51,013 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारत में पोलियो जागरूकता एवं टीकाकरण अभियान की शुरुआत वर्ष 1994 में हुई थी। 2 अक्टूबर 1994 को पहला व्यापक अभियान संचालित किया गया और वर्ष 1995 से ‘पल्स पोलियो’ कार्यक्रम को नियमित रूप से लागू किया गया। सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत को वर्ष 2014 में पोलियो-मुक्त घोषित किया गया, हालांकि संभावित खतरे को देखते हुए आज भी पोलियो टीकाकरण एवं जागरूकता अभियान निरंतर जारी हैं।
अभिभावकों से भावनात्मक अपील
इसी क्रम में सेट पैट्रिक अकादमी की छात्रा एवं बाल कवि मेहर जैन ने जिले के समस्त अभिभावकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, ताकि देश का हर बच्चा स्वस्थ रहे और भारत पोलियो-मुक्त बना रहे।
स्वयं भाई को लेकर पहुंचीं पोलियो बूथ
मेहर जैन ने केवल अपील तक ही सीमित न रहते हुए अपने कर्तव्य का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। वे अपने छोटे भाई पार्थ जैन को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित पोलियो बूथ पहुंचीं और उसे पोलियो की खुराक पिलवाई। उनके इस प्रेरणादायी कदम की उपस्थित डॉक्टरों एवं स्टाफ नर्सों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
इस पहल का उद्देश्य अभिभावकों को समय पर टीकाकरण कराने, स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने तथा सामुदायिक स्तर पर जनचेतना बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रह जाए।
