मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है… आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है।” वे आज जगदलपुर के इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में बस्तर ओलम्पिक 2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पूरे बस्तर संभाग से आए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
बस्तर में शांति, समरसता और समृद्धि की नई दिशा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के हर गांव तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए संकल्पित है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और बस्तर आज शांति, समरसता और समृद्धि की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं की विशाल भागीदारी इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि नुवाबाट के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर इस आयोजन को विशेष आयाम दिया है। बड़ी संख्या में बेटियों की उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि बस्तर में महिला सशक्तिकरण नई उड़ान भर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को तीन करोड़ तक की सम्मान निधि
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतकर लौटने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपए की सम्मान निधि दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और मंच देकर उन्हें विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं के योग्य बनाएगी।

उपमुख्यमंत्रियों का संबोधन—खेलों से जुड़कर युवाओं का भविष्य मजबूत
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक युवाओं को खेल के साथ-साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर देकर सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है।
इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप और पद्मश्री अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर एम.सी. मेरीकॉम ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
3.92 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने कराया पंजीयन
संचालक खेल एवं युवा कल्याण सुश्री तनुजा सलाम ने बताया कि इस वर्ष 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिलाएँ शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह बस्तर में परिवर्तन और आशा की नई बयार है।
गौरवशाली मशाल—सुकमा के विजय डोडी और नारायणपुर की सलोनी कवाची बने मशालवाहक
मुख्यमंत्री साय, मंत्रिगण और पद्मश्री मेरीकॉम द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन के बाद इसे सुकमा के कबड्डी खिलाड़ी विजय डोडी और नारायणपुर की खो-खो खिलाड़ी सलोनी कवाची को सौंपा गया। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ स्टेडियम की परिक्रमा करते हुए मशाल को मुख्य स्थल तक पहुंचाया।
यह क्षण माओवाद-प्रभावित क्षेत्रों के लिए गर्व और भावनाओं से भरा रहा, जब उनके युवा आत्मविश्वास के साथ हजारों दर्शकों के सामने दौड़ रहे थे।
बस्तर की माटी में असीम प्रतिभाएँ—भव्य उद्घाटन बना ऐतिहासिक क्षण
रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, आतिशबाजी और हजारों खिलाड़ियों की मौजूदगी ने उद्घाटन समारोह को भव्य और यादगार बना दिया।
बस्तर ओलम्पिक का यह शुभारंभ इस बात का प्रमाण है कि बस्तर में खेल प्रतिभाओं का अद्भुत भंडार है, जिन्हें राज्य सरकार और प्रशासन मिलकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
