भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार 26 दिसंबर को छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में वीर बाल दिवस का आयोजन किया जाएगा। यह दिवस दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के वीर पुत्रों साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान की स्मृति में राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम 26 दिसंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 12.30 बजे बच्चों और युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और योगदान पर प्रकाश डालेंगे।
राज्य एवं जिला स्तर पर व्यापक आयोजन
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य की बाल देखरेख संस्थाओं, जिला बाल संरक्षण इकाइयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में वीर बाल दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन आयोजनों में 3 से 6 वर्ष, 6 से 10 वर्ष एवं 11 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए रचनात्मक, शैक्षणिक एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित होंगी। इनमें चित्रकला, पोस्टर निर्माण, निबंध एवं रचनात्मक लेखन, प्रश्नोत्तरी, कहानी सुनाना, पुस्तक पठन, भाषण व वाद-विवाद, नाटक, भूमिका निर्वाह, नारा लेखन प्रतियोगिता, रैलियां, जागरूकता पदयात्राएं, समूह चर्चाएं, सहपाठी शिक्षण, खेल एवं फिटनेस गतिविधियां शामिल हैं।
शहादत को समर्पित विशेष कार्यक्रम
विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह की शहादत पर आधारित भाषण प्रतियोगिता एवं स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थी उनके अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
बच्चों के सम्मान और प्रेरणा का पर्व
जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वीर बाल दिवस का आयोजन केवल औपचारिकता न होकर बच्चों के सम्मान, प्रतिभा पहचान और प्रेरणा का प्रभावी माध्यम बने। चयनित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को मंच प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
वीर बाल दिवस का यह राज्यव्यापी आयोजन बच्चों में देशभक्ति, साहस, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
