महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की बाल विवाह मुक्त भारत पहल के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 100-दिवसीय गहन राज्यव्यापी जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 8 मार्च 2026 तक संचालित होगा, जिसका उद्देश्य बाल विवाह के विरुद्ध जनआंदोलन को और अधिक सशक्त बनाना तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को इससे जोड़ना है।
अभियान की शुरुआत के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बाल विवाह उन्मूलन की राष्ट्रीय शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही देशभर में बाल विवाह रोकथाम को लेकर हुए सकारात्मक बदलावों पर आधारित विशेष फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा अग्रिम पंक्ति में कार्यरत कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सरकारी वेबकास्ट प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया, जिससे दूर-दराज़ क्षेत्रों के लोग भी इससे जुड़ सके।
यह 100-दिवसीय अभियान तीन चरणों में संचालित किया जाएगा।
प्रथम चरण में स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिता और संवाद सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
द्वितीय चरण में बाल अधिकार और संरक्षण से जुड़े संदेशों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रभावशाली व्यक्तियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
तृतीय चरण में ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के वार्डों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने के लिए प्रस्ताव पारित कराने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से सामाजिक चेतना को सुदृढ़ करते हुए बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना तथा छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने की दिशा में ठोस और प्रभावी प्रगति सुनिश्चित करना है।
