बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय का छठा दीक्षांत समारोह मंगलवार को भव्य रूप से आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा और ज्ञान के महत्व पर विशेष जोर दिया। रामनाथ कोविंद ने कहा कि विद्या धन सर्वधनप्रधान है और यह कभी समाप्त नहीं होती। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए बताया कि वे छोटे गांव से प्रतिदिन छह किलोमीटर नंगे पांव स्कूल जाते थे, लेकिन कठिनाइयों के बावजूद लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।
पूर्व राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को सफलता में विनम्रता बनाए रखने का संदेश दिया और कहा कि अहंकार से केवल अंधकार और नाश ही उत्पन्न होता है। उन्होंने यह भी उजागर किया कि विश्वविद्यालय में शिक्षा के क्षेत्र में लिंग समानता की स्थिति उज्जवल है, और इस वर्ष 52 छात्राओं ने गोल्ड मैडल प्राप्त किए, जो बदलते भारत में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी का प्रतीक हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह दिन विद्यार्थियों की सफलता का उत्सव है। उन्होंने नई शिक्षा नीति पर जोर देते हुए कहा कि इसमें कौशल विकास, शोध और नवाचार को विशेष महत्व दिया गया है, जिससे छात्रों को भविष्य में अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
समारोह में कुल 63 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। वहीं 92 गोल्ड मैडल वितरित किए गए, जिनमें 49 छात्राओं और 14 छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, 29 दानदाताओं के नाम पर भी गोल्ड मैडल प्रदान किए गए। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने 36,950 छात्रों को डिग्री प्रदान करने की घोषणा की।
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधकर्ता, विद्यार्थी और उनके परिवारजन शामिल हुए। इस अवसर ने शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को भी उजागर किया और समारोह को भव्यता और गरिमा के साथ सम्पन्न किया।
