रायपुर। नवा रायपुर के IIM कैंपस में चली तीन दिन की 60वीं अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस रविवार को संपन्न हो गई। समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे बड़ा निर्देश दिया – महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर तुरंत कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश के डायल-112 मॉडल की तर्ज पर देशभर में एक एकीकृत इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए। पीएम ने कहा कि हर राज्य की पुलिस को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए ताकि शिकायत मिलते ही सेकंड्स में प्रतिक्रिया और मिनटों में कार्रवाई शुरू हो सके।
कॉन्फ्रेंस के आखिरी दिन सुबह उन राज्यों ने अपनी प्रेजेंटेशन पूरी की जिनका नंबर शनिवार को नहीं आ सका था। पहले सत्र में पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई, जबकि दूसरे सत्र में नई गाइडलाइंस तैयार करने की प्रक्रिया पर फोकस रहा। राज्यों के इनपुट और सुरक्षा एजेंसियों की जरूरतों को मिलाकर अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया गया। एक मॉडल राज्य भी चुना गया, जिसकी बेस्ट प्रैक्टिस पूरे देश में लागू की जाएंगी।
शनिवार को चला 13 घंटे का मैराथन सत्र सबसे लंबा रहा जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सीधे नेतृत्व किया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सभी राज्यों के DGP और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख मौजूद रहे।
कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री ने नए स्पीकर हाउस एम-1 में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सरकारी स्कूलों के करीब 30 बच्चों से मुलाकात की। करियर, परीक्षा और सपनों पर खुलकर बात की। बच्चों ने पीएम से फोटो खिंचवाई और ऑटोग्राफ लिया। यह मुलाकात इतनी आत्मीय रही कि बच्चे गदगद हो गए।
तीन दिन तक चले इस सम्मेलन में आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद उन्मूलन, साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा और AI आधारित पुलिसिंग जैसे मुद्दों पर ठोस रोडमैप तैयार हुआ। अब इन फैसलों को जमीन पर उतारने की बारी है। रायपुर में आयोजित यह कॉन्फ्रेंस सुरक्षा तंत्र के लिए नया मील का पत्थर साबित हुई है।
