बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर का प्रतिष्ठित सिटी ग्राउंड मंगलवार को सामाजिक समरसता और सामूहिक उत्सव का साक्षी बना, जब मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 280 जोड़े एक साथ परिणय सूत्र में बंधे। इस भव्य और गरिमामय आयोजन के साथ ही छत्तीसगढ़ ने प्रदेशभर में एक साथ 6,412 जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कर इतिहास रच दिया।
जगदलपुर का यह आयोजन अपनी पारंपरिक भव्यता, सांस्कृतिक गरिमा और भावनात्मक माहौल के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
पारंपरिक बारात ने बांधा समां
समारोह की शुरुआत भव्य बारात से हुई, जिसमें 280 वरों के साथ उनकी माताएं हाथों में कलश और दीप लेकर पारंपरिक वेशभूषा में चल रही थीं। बस्तर की लोकसंस्कृति से सजी बाजा-मोहरी की सुमधुर धुनों ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया।
विवाह मंडप में हरिद्रालेपन, जयमाला, सप्तपदी और हवन जैसी सभी वैवाहिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। हवन कुंड से उठती सुगंध और मंत्रोच्चार से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। नव-दंपत्तियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की, जिससे समारोह भावुक और उल्लासपूर्ण क्षणों से सराबोर रहा।
मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वाद
इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवारों के लिए एक मजबूत संबल है, जो बेटियों के सम्मानजनक विवाह की चिंता को कम करती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के तहत उस समय 5 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी, जो आज बढ़कर 50 हजार रुपये हो चुकी है। यह योजना राज्य सरकार की सामाजिक प्रतिबद्धता और गरीब परिवारों के सशक्तिकरण का प्रतीक है।
जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में महापौर श्री संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पदलाम नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की और नव-दंपत्तियों को सुखी दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर सुश्री नंदिनी साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री मनोज सिन्हा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे, जिनके समन्वित प्रयास से यह विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह सामूहिक विवाह समारोह न केवल सामाजिक एकता का प्रतीक बना, बल्कि यह भी साबित करता है कि सरकारी योजनाएं ज़मीनी स्तर पर समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
