बालोद। रविवार को बालोद जिले के सरदार पटेल मैदान में आयोजित कुर्मी क्षत्रिय समाज के वार्षिक सम्मेलन के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया, जब कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंच से नाराज होते नजर आए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा— “अगर सम्मान नहीं दे सकते तो बुलाया ही मत करो।”
कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद समाज के कुछ पदाधिकारियों ने भूपेश बघेल को यह कहते हुए रोकने की कोशिश की कि यह सामाजिक मंच है और यहां राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए। इस पर भूपेश बघेल भड़क गए और कहा कि वे किसानों के हितों की बात कर रहे थे, इसमें राजनीति कैसे आ गई।
“इतनी तकलीफ है तो बुलाया क्यों गया?”
भूपेश बघेल ने मंच से कहा, “अगर इतनी तकलीफ हो रही है तो मुझे बुलाया ही क्यों गया। दूसरे दल के जो लोग यहां बैठे हैं, उन्हें मिर्ची लग रही है, लेकिन उन्हें कुछ नहीं कहा जा सकता।”
उन्होंने संबोधन समाप्त करने के बाद स्पष्ट किया कि जिन लोगों को उनकी बातों से आपत्ति हो रही है, उनके लिए वे किसी भी तरह का खेद व्यक्त नहीं करते।
पूर्व मुख्यमंत्री ने समाज को नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी कार्यक्रम में अगर किसी को आमंत्रित किया जाता है, तो उसे पूरा सम्मान दिया जाना चाहिए। “अगर सम्मान नहीं दे सकते, तो बुलाने की जरूरत ही नहीं है,” उन्होंने दोहराया।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
मंच से और बाद में मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने धान खरीदी में किसानों को हो रही परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि “30 करोड़ का धान चूहे खा गए, बालोद में ट्रक गायब हो रहे हैं, जो पांच दिन बाद जंगल में मिल रहे हैं। यह सरकार चारों तरफ से फेल हो चुकी है।”
उन्होंने दावा किया कि तय समय पर धान खरीदी पूरी नहीं हो पाएगी और लगभग 30 प्रतिशत किसानों का धान बच जाएगा। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों को कमजोर करने की नीति पर काम कर रही है।
