वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया। बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 4.5 प्रतिशत से अधिक उछलकर ₹1,57,371 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञ इसे “सेफ हेवन रैली” का परिणाम मान रहे हैं, जहां निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से निकलकर सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
तेजी के पीछे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कारण
विश्लेषकों के अनुसार, सोने की इस असाधारण तेजी के पीछे कई वैश्विक कारक एक साथ काम कर रहे हैं—
- भू-राजनीतिक तनाव: ग्रीनलैंड मुद्दे सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती कूटनीतिक तनातनी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
- जापानी बॉन्ड बाजार में अस्थिरता: जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) में हलचल से वैश्विक वित्तीय स्थिरता को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं।
- डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट: रुपया कमजोर होकर 91 के स्तर से नीचे फिसलने के कारण घरेलू बाजार में सोना और महंगा हो गया है।
कमजोर रुपये ने दी अतिरिक्त मजबूती
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में मजबूती के साथ-साथ रुपये की गिरावट ने MCX सोने की तेजी को और बढ़ाया है। करेंसी दबाव के कारण आयातित सोना महंगा हुआ, जिसका असर घरेलू कीमतों पर स्पष्ट दिखा।
तकनीकी संकेत भी बुलिश
कमोडिटी विश्लेषकों के मुताबिक, MCX सोने का ट्रेंड फिलहाल मजबूती दर्शा रहा है। गिरावट पर खरीदारी देखने को मिल रही है, जिससे बाजार में खरीदारों की पकड़ मजबूत बनी हुई है। प्रमुख सपोर्ट ज़ोन ₹1,49,300–₹1,50,300 के बीच माना जा रहा है, जबकि ऊपरी स्तरों पर ₹1,58,000–₹1,59,000 के पार स्थिरता मिलने पर अगला लक्ष्य और ऊपर खुल सकता है।
इक्विटी बाजार में दबाव, सोने की चमक बढ़ी
दुनियाभर के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की सतर्कता ने “रिस्क-ऑफ” ट्रेड को फिर सक्रिय किया है। ऐसे माहौल में सोना मूल्य संरक्षण के साधन के रूप में फिर केंद्र में आ गया है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति?
विशेषज्ञों की राय है कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर आक्रामक नई खरीदारी से बचना समझदारी हो सकती है।
- जिन निवेशकों के पास पहले से सोना है, वे होल्ड या आंशिक मुनाफावसूली पर विचार कर सकते हैं।
- दीर्घकालिक निवेशक तेज गिरावट पर चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं।
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को ऊंची वोलैटिलिटी के कारण सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में सोना एक प्रमुख डिफेंसिव एसेट के रूप में निवेशकों के रडार पर बना हुआ है।
अस्वीकरण: यह समाचार बाजार रुझानों पर आधारित है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
