छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति की ओर कदम, BEML को हैवी इक्विपमेंट संयंत्र की मंजूरी, राज्य को मिलेगा बड़ा निवेश और रोजगार
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को बिलासपुर के पास हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। संयंत्र के लिए चांपा के समीप नेशनल हाईवे से लगी 100 एकड़ भूमि टोकन दर पर आबंटित की जाएगी।
यह परियोजना राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का माध्यम बनेगी। सरकार ने यह निर्णय अपनी नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत लिया है, जिसका मूल मंत्र है – “न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन”। इस नीति ने छत्तीसगढ़ को निवेशकों के लिए एक अनुकूल गंतव्य बना दिया है।
नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत आकर्षक प्रावधान:
- उद्योगों को 30-50% तक सब्सिडी
- 5 से 12 वर्षों तक टैक्स में छूट
- 15,000 रुपये प्रति व्यक्ति तक प्रशिक्षण अनुदान
- 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए विशेष “बी-स्पोक पॉलिसी”
फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, एआई, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
औद्योगिक निवेश के आंकड़े बताते हैं सफलता की कहानी:
प्रोजेक्ट टूडे के सर्वे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में 218 नई परियोजनाओं में 1.63 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जो देश के कुल निवेश का 3.71% है। इससे छत्तीसगढ़ अब देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
इन्वेस्टर्स मीट से मिला बड़ा भरोसा:
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट के जरिए राज्य को 4.40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें ऊर्जा, विनिर्माण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद की छवि से बाहर निकलकर एक उभरता हुआ औद्योगिक और तकनीकी हब बन रहा है। हमारी सरकार की पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल नीतियां ‘नवा अंजोर’ के संकल्प को साकार करेंगी और विकसित भारत के निर्माण में राज्य की भूमिका को मजबूत करेंगी।”
यह पहल न केवल राज्य की आर्थिक रफ्तार को नई दिशा देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता और समृद्धि का द्वार भी खोलेगी।