चलो अंधेरों से न डरें,
हर मुश्किल को हम मात करें।
जीवन के इस रणभूमि में,
अपने कर्म से बात करें।
हर ठोकर एक सबक है,
हर हार में जीत छुपी है।
हिम्मत को अपना साथी बनाओ,
हर राह में रौशनी छुपी है।
क्यों रुकें, क्यों झुकें,
जब आसमान भी झुकेगा।
हौसले बुलंद रखो अपने,
सूरज भी तुम्हारा साथी बनेगा।
छोटी-छोटी कोशिशों से,
बड़े-बड़े सपने पूरे होंगे।
जो आज अधूरा लगता है,
कल वो मंजर पूरे होंगे।
तो चलो कदम बढ़ाते हैं,
हर डर को पीछे छोड़ते हैं।
जीवन के इस खूबसूरत सफर में,
अपना इतिहास जोड़ते हैं।
Poetry: चलो सपनों को साकार करें
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