प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) केंद्र सरकार द्वारा 2015 में शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य 2024 तक सभी को किफायती आवास उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ में इस योजना का व्यापक प्रभाव देखा गया है, क्योंकि यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू की गई है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)योजना का उद्देश्ययोजना के मुख्य घटकलाभार्थी चयन प्रक्रियायोजना के तहत सहायता राशिछत्तीसगढ़ में योजना की प्रगतिआवेदन कैसे करें?अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) – ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में दी जाने वाली राशि:1. प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-Gramin):2. प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (PMAY-Urban):
योजना का उद्देश्य
- गरीबों के लिए पक्के मकान:
- सभी गरीबी रेखा के नीचे (BPL) रहने वाले परिवारों को आवास उपलब्ध कराना।
- झुग्गी झोपड़ी सुधार:
- शहरी क्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ियों को हटाकर उन्हें पक्के मकान देना।
- सभी को आवास:
- शहरी और ग्रामीण इलाकों में बेघर परिवारों को किफायती आवास देना।
योजना के मुख्य घटक
- शहरी योजना (PMAY-Urban):
- छत्तीसगढ़ के शहरी इलाकों में, जैसे रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई आदि, में झुग्गीवासी और निम्न आय वर्ग के लोगों को आवास प्रदान करना।
- क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी के माध्यम से गृह ऋण पर ब्याज में छूट।
- ग्रामीण योजना (PMAY-Gramin):
- ग्रामीण इलाकों में गरीब परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता।
- हर घर तक बिजली, पानी, शौचालय और गैस की सुविधा पहुंचाना।
लाभार्थी चयन प्रक्रिया
- सेक्शन प्रक्रिया:
- सोशियो इकोनॉमिक कास्ट सेंसस (SECC) 2011 के आधार पर लाभार्थियों का चयन।
- पात्रता:
- आयु: 18 से अधिक।
- मकान रहित परिवार या कच्चे मकान वाले।
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, और दिव्यांग।
- महिला मुखिया को प्राथमिकता।
योजना के तहत सहायता राशि
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए:
- प्रत्येक लाभार्थी को ₹1.20 लाख की सहायता राशि दी जाती है।
- पहाड़ी क्षेत्रों में यह राशि ₹1.30 लाख तक होती है।
- मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन के तहत मजदूरी भी दी जाती है।
- शहरी क्षेत्रों के लिए:
- मकान निर्माण के लिए सब्सिडी।
- गृह ऋण पर ब्याज दर में 6.5% तक की छूट।
छत्तीसगढ़ में योजना की प्रगति
- छत्तीसगढ़ में लाखों घर बनाए जा चुके हैं और हजारों निर्माणाधीन हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का क्रियान्वयन विशेष रूप से सफल रहा है।
- सरकार ने “आवास सॉफ्टवेयर” के माध्यम से योजना को डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली में जोड़ा है।
आवेदन कैसे करें?
- ऑनलाइन आवेदन:
- प्रधानमंत्री आवास योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें: pmaymis.gov.in
- CSC केंद्र:
- नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आवेदन करें।
- दस्तावेज़:
- आधार कार्ड
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
- ग्राम पंचायत या नगर निगम कार्यालय।
- PMAY टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-6446
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) – ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में दी जाने वाली राशि:
1. प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-Gramin):
ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- प्रत्येक लाभार्थी को दी जाने वाली सहायता राशि: ₹1.20 लाख (सामान्य क्षेत्रों में)
- पहाड़ी और कठिन इलाकों में: ₹1.30 लाख (जैसे आदिवासी इलाकों)
- मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन: इन योजनाओं के तहत अतिरिक्त सहायता (जैसे निर्माण कार्यों में मजदूरी) दी जाती है।
2. प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (PMAY-Urban):
शहरी क्षेत्रों में इस योजना के तहत सरकार गृह ऋण पर ब्याज दर में छूट देती है और पक्के मकान निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- ऋण पर ब्याज में छूट:
- 6.5% ब्याज दर पर सब्सिडी – यह ब्याज दर, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) के तहत पात्र लाभार्थियों को मिलती है।
- आवेदन करने वाले परिवारों की आय सीमा:
- EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): ₹3 लाख प्रति वर्ष तक
- LIG (निम्न आय वर्ग): ₹6 लाख प्रति वर्ष तक
- MIG-1 (मध्यम आय वर्ग 1): ₹12 लाख प्रति वर्ष तक
- MIG-2 (मध्यम आय वर्ग 2): ₹18 लाख प्रति वर्ष तक
शहरी क्षेत्रों में पक्के मकान के निर्माण के लिए सब्सिडी:
- 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी (अगर पात्रता और दस्तावेज सही होते हैं)
- किफायती आवास योजना: आवास निर्माण के लिए सरकारी मदद और सस्ती दर पर ऋण प्रदान किया जाता है।