नई दिल्ली, ChatGPT और Google Gemini जैसे वैश्विक एआई प्लेटफॉर्म्स को टक्कर देने के लिए भारत का स्वदेशी मल्टीमॉडल एआई सिस्टम ‘BharatGen’ अंतिम चरण में पहुंच गया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि इस महीने के अंत तक BharatGen भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में लिखने में सक्षम हो जाएगा। इनमें से 15 भाषाओं में स्पीच (बोलना-समझना) और विज़न (तस्वीर/दस्तावेज़ पहचान) की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
BharatGen का उद्देश्य भारतीय भाषाओं में डिजिटल पहुंच को मजबूत करना और एआई को आम नागरिकों के लिए उपयोगी बनाना है, ताकि तकनीक केवल अंग्रेज़ी या बड़े शहरों तक सीमित न रहे।
क्या है BharatGen?
BharatGen एक पूरी तरह देश में विकसित मल्टीमॉडल जनरेटिव एआई सिस्टम है, जिसे आईआईटी बॉम्बे के नेतृत्व में आईआईटी मद्रास, कानपुर, हैदराबाद और इंदौर सहित कई प्रमुख संस्थानों ने मिलकर तैयार किया है। यह टेक्स्ट, वॉइस और दस्तावेज़—तीनों पर काम करने में सक्षम है।
इस परियोजना के तहत तीन प्रमुख मॉड्यूल विकसित किए गए हैं:
- स्पीच-टू-टेक्स्ट (बोलकर लिखना)
- टेक्स्ट-टू-स्पीच (लिखे को बोलना)
- ‘पत्रम’ नामक भारत का पहला डॉक्यूमेंट-विजन मॉडल, जो दस्तावेज़ों को समझकर सार निकाल सकता है
बताया गया है कि BharatGen को लगभग 300 करोड़ पैरामीटर वाले टेक्स्ट मॉडल पर प्रशिक्षित किया गया है।
किसका सहयोग?
इस परियोजना को IBM, Zoho, NASSCOM, जल एवं स्वच्छता मंत्रालय और कई राज्य सरकारों का सहयोग मिल रहा है। भारत AI मिशन के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने BharatGen को 1,058 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का प्रावधान किया है।
आम लोगों के लिए कैसे उपयोगी?
BharatGen को केवल शोध परियोजना नहीं, बल्कि उपयोग आधारित एआई प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसके कुछ उदाहरण:
- ‘कृषि साथी’: किसान अपनी स्थानीय भाषा में बोलकर खेती संबंधी सलाह ले सकेंगे
- ‘ई-विक्रएआई’: छोटे दुकानदार अपने उत्पादों का विवरण आसानी से तैयार कर सकेंगे
- ‘डॉकबोध’: जटिल सरकारी/कानूनी दस्तावेज़ों को सरल भाषा में समझाया जाएगा
इससे एआई का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
वैश्विक एआई प्लेटफॉर्म्स को चुनौती
सरकार का मानना है कि BharatGen शिक्षा, शासन, डिजिटल सेवाओं और नागरिक सुविधाओं में बड़ा बदलाव ला सकता है। भारतीय भाषाओं में उन्नत एआई क्षमताओं के साथ यह प्लेटफॉर्म ChatGPT और Gemini जैसे मॉडलों के समकक्ष खड़ा होने की क्षमता रखता है।
BharatGen के माध्यम से भारत न केवल भाषाई समावेशन को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक एआई परिदृश्य में आत्मनिर्भर और सशक्त खिलाड़ी के रूप में अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराएगा।
