फुटबॉल सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक बार फिर ट्रांसफर चर्चाओं के केंद्र में हैं। सऊदी प्रो लीग क्लब अल-नस्र में उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है और इसी बीच Premier League क्लब Chelsea से उनके संभावित जुड़ाव की अटकलों ने फुटबॉल जगत में हलचल मचा दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 40 वर्षीय रोनाल्डो क्लब के प्रबंधन और खेल परियोजना को लेकर संतुष्ट नहीं हैं। पुर्तगाली अखबार ‘आ बोला’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने हाल ही में अल-रियाध के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उनके और क्लब के बीच तनाव की खबरें तेज हो गईं।
अल-नस्र प्रबंधन से नाराज़ बताए जा रहे हैं रोनाल्डो
सूत्रों के अनुसार, रोनाल्डो सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) द्वारा क्लब संचालन के तरीके से खुश नहीं हैं। हालिया मुकाबले में टीम से बाहर रखे जाने के बाद यह चर्चा और मजबूत हो गई कि दोनों पक्षों के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।
हालांकि प्रदर्शन के मोर्चे पर रोनाल्डो अब भी शानदार फॉर्म में हैं। इस सीजन उन्होंने 21 मैचों में 18 गोल और 3 असिस्ट दर्ज किए हैं। सऊदी प्रो लीग में उनका कुल गोल आंकड़ा 111 तक पहुंच चुका है।
अनुबंध समाप्ति भी एक विकल्प
बताया जा रहा है कि रोनाल्डो और अल-नस्र दोनों ही इस स्थिति का जल्द समाधान चाहते हैं। लेकिन अगर सहमति नहीं बनती है तो अनुबंध को समय से पहले समाप्त करना एक संभावित विकल्प माना जा रहा है। शीतकालीन ट्रांसफर विंडो के अंतिम चरण में समय भी तेजी से निकल रहा है।
Chelsea समेत कई क्लब रेस में
रोनाल्डो का नाम Chelsea से पहली बार नहीं जुड़ा है। क्लब के नए स्वामित्व के बाद से ही समय-समय पर उनके Stamford Bridge पहुंचने की चर्चाएं सामने आती रही हैं। हालांकि सट्टा बाजारों और रिपोर्ट्स के अनुसार, Chelsea इस रेस में फिलहाल सबसे आगे नहीं है।
MLS क्लब, उनका पुराना क्लब Sporting Lisbon, सऊदी लीग की अन्य टीमें और यहां तक कि Real Madrid का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है।
2026 World Cup से पहले नियमित खेल चाहते हैं रोनाल्डो
यूरोप वापसी फिलहाल मुश्किल मानी जा रही है, लेकिन रोनाल्डो की प्राथमिकता 2026 FIFA World Cup से पहले नियमित मैच खेलना है। हाल ही में Globe Soccer Awards में मिडिल ईस्ट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार मिलने के बाद उन्होंने साफ कहा था कि उनका लक्ष्य ट्रॉफी जीतना और 1000 गोल का आंकड़ा छूना है, बशर्ते वह फिट रहें।
Chelsea की नीति बनी सबसे बड़ी बाधा
फुटबॉल विश्लेषकों का मानना है कि Manchester United में रोनाल्डो के दूसरे कार्यकाल के अनुभव को देखते हुए Chelsea इस सौदे को लेकर सतर्क रह सकती है। क्लब फिलहाल युवा खिलाड़ियों में निवेश को प्राथमिकता दे रहा है, ऐसे में यह हाई-प्रोफाइल ट्रांसफर अभी अटकलों से आगे बढ़ता नहीं दिख रहा।
