4 Moons in Russia : सेंट पीटर्सबर्ग। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में कुदरत ने ऐसा करिश्मा दिखाया कि देखने वाले दंग रह गए। 1 फरवरी 2026 की रात शहर के आसमान में एक नहीं, बल्कि चार-चार चांद जैसे चमकते पिंड दिखाई दिए। इस अनोखे दृश्य को देखकर लोग हैरान रह गए और बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में इस पल को कैद कर लिया। कुछ ही समय में ये वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं और पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गईं।
पहली नज़र में यह नज़ारा किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लग रहा था, लेकिन वैज्ञानिकों ने इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए इसे एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना बताया।
क्या है ‘मून डॉग’ या पैरासेलेने?
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, आसमान में चार चांद दिखना कोई चमत्कार या अलौकिक घटना नहीं है। इसे वैज्ञानिक भाषा में ‘पैरासेलेने’, आम बोलचाल में ‘मून डॉग’ कहा जाता है। यह एक प्रकार का ऑप्टिकल भ्रम होता है, जिसमें चंद्रमा की रोशनी वायुमंडल में मौजूद बर्फ के सूक्ष्म क्रिस्टलों से टकराकर मुड़ जाती है।
भीषण ठंड बनी वजह
इस घटना के पीछे सेंट पीटर्सबर्ग का अत्यधिक ठंडा मौसम मुख्य कारण बना। उस रात तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया था। इतनी ठंड में ऊंचाई पर मौजूद सिरस बादलों में छह कोणीय बर्फ के क्रिस्टल बन जाते हैं। ये क्रिस्टल प्रिज्म की तरह काम करते हैं और चंद्रमा की रोशनी को लगभग 22 डिग्री के कोण पर मोड़ देते हैं। इसी कारण असली चांद के आसपास चमकीले धब्बे बनते हैं, जो नकली चंद्रमा जैसे दिखाई देते हैं।
क्यों दिखे एक साथ चार चांद?
आमतौर पर मून डॉग की स्थिति में चांद के दोनों ओर दो अतिरिक्त चमकदार बिंदु नजर आते हैं। लेकिन इस बार विशेष वायुमंडलीय परिस्थितियां, बेहद ठंडा तापमान और पूर्णिमा के आसपास चंद्रमा की अधिक चमक के कारण एक से ज्यादा मून डॉग दिखाई दिए। नतीजतन, आसमान में चार चांद होने जैसा भ्रम पैदा हो गया।
सन डॉग से है मिलता-जुलता
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह घटना ‘सन डॉग’ से काफी मिलती-जुलती है, जिसमें एक साथ कई सूर्य दिखाई देने का भ्रम होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि सन डॉग दिन में सूर्य की रोशनी से बनता है, जबकि मून डॉग रात में चंद्रमा की रोशनी से।
