स्वच्छ भारत मिशन अब केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहा है। इसका जीवंत उदाहरण मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिठलदाह के सुनील यादव हैं, जिन्होंने सामुदायिक शौचालय परिसर से जुड़ी दुकान को रोजगार का साधन बनाकर एक सफल मॉडल प्रस्तुत किया है।
ग्राम बिठलदाह में स्थित दुकानयुक्त सामुदायिक शौचालय परिसर के एक कक्ष में सुनील यादव द्वारा किराना एवं जनरल स्टोर का संचालन किया जा रहा है। इस नवाचारी पहल से वे प्रतिमाह 12 हजार रुपये से अधिक की नियमित आय अर्जित कर रहे हैं।
इस आय से उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रहे हैं। साथ ही छोटे भाई-बहनों की शिक्षा और आवश्यकताओं की जिम्मेदारी भी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
सुनील यादव का कहना है कि इस पहल से उन्हें स्थायी आजीविका का साधन मिला है और आर्थिक समस्याओं से राहत मिली है। वहीं ग्रामीणों को भी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
सामुदायिक शौचालय के सुव्यवस्थित संचालन से गांव में स्वच्छता बनी हुई है और लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। इससे खुले में शौच की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।
