Kerala will be Renamed as ‘Keralam’ : नई दिल्ली। केरल बीजेपी ने राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का समर्थन किया है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पत्र लिखकर इस मुद्दे में हस्तक्षेप की मांग की है। बीजेपी का कहना है कि ‘केरलम’ नाम राज्य की भाषाई संस्कृति, परंपराओं और हजारों साल की विरासत का प्रतिनिधित्व करता है। इसके साथ ही पार्टी का मानना है कि इस कदम से उन चरमपंथी ताकतों पर लगाम लगेगी, जो धर्म के आधार पर राज्य को अलग-अलग जिलों में बांटने की कोशिश कर रही हैं।
बीजेपी का रुख और मांग
केरल बीजेपी ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार द्वारा राज्य का नाम बदलने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य विधानसभा ने आधिकारिक अभिलेखों में राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने अपने पत्र में पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि इस मामले में हस्तक्षेप किया जाए ताकि राज्य का नाम मलयालम मूल के अनुसार ‘केरलम’ रखा जा सके।

परंपराओं और संस्कृति की रक्षा
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा भाषाई संस्कृति, परंपराओं और सम्मान की रक्षा पर आधारित है। बीजेपी ने हमेशा राज्य को ‘केरलम’ के रूप में देखा है, जो हजारों सालों की विरासत और संस्कृति का प्रतीक है। उनके अनुसार, इस बदलाव से राज्य में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी।
विकसित और सुरक्षित केरलम की उम्मीद
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को यह भी लिखा कि इस बदलाव से ‘विकसित और सुरक्षित केरलम’ का निर्माण संभव होगा। ऐसे राज्य में सभी मलयाली नागरिकों की आस्था, धर्म और संस्कृति का सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा और अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं के साथ रहने वाले लोगों के बीच सौहार्द बना रहेगा।
