विटामिन डी को ‘सनशाइन विटामिन’ कहा जाता है। यह विटामिन हड्डियों को मजबूत रखने, इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने और मेंटल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी होता है। लेकिन सर्दियों के मौसम में ठंड और कोहरे की वजह से पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती, जिससे शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है। इसका असर जोड़ों के दर्द, थकान, मांसपेशियों की कमजोरी और बार-बार बीमार पड़ने के रूप में सामने आता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में घंटों धूप में बैठना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। ऐसे में डाइट के जरिए विटामिन डी की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। यहां हम आपको ऐसे 4 सुपरफूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें Winter Diet में शामिल कर आप बिना सप्लीमेंट्स के विटामिन डी के स्तर को संतुलित रख सकते हैं।
अंडे का पीला भाग और फैटी फिश
नॉनवेज खाने वालों के लिए फैटी फिश विटामिन डी का बेहतरीन स्रोत है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। वहीं, जो लोग मछली नहीं खाते, वे अंडे के पीले भाग का सेवन कर सकते हैं। अंडे का सफेद हिस्सा प्रोटीन से भरपूर होता है, जबकि विटामिन डी और हेल्दी फैट पीले भाग में पाया जाता है।
मशरूम
शाकाहारी लोगों के लिए मशरूम किसी वरदान से कम नहीं है। खासकर वे मशरूम जो सूर्य की रोशनी में उगाए जाते हैं। मशरूम में धूप के संपर्क में आने पर प्राकृतिक रूप से विटामिन डी बनने की क्षमता होती है। सर्दियों में इसे डाइट में शामिल करना विटामिन डी बढ़ाने का आसान और प्रभावी तरीका है।
पनीर
पनीर कैल्शियम और विटामिन डी का अच्छा स्रोत माना जाता है। यह शरीर को प्रोटीन देने के साथ-साथ हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में मदद करता है। नियमित रूप से पनीर का सेवन करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और जोड़ों के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
फोर्टिफाइड फूड्स
आजकल बाजार में फोर्टिफाइड दूध, दही और अन्य खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध हैं, जिनमें अतिरिक्त विटामिन डी मिलाया जाता है। रोजाना एक गिलास फोर्टिफाइड दूध का सेवन करने से शरीर की विटामिन डी की जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा हो सकता है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ हड्डियों को भी पोषण देता है।
डाइट के साथ धूप भी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन डी की कमी दूर करने के लिए डाइट के साथ-साथ रोजाना 15–20 मिनट की धूप लेना भी जरूरी है। चूंकि विटामिन डी वसा में घुलनशील होता है, इसलिए इसे हेल्दी फैट के साथ लेना ज्यादा असरदार माना जाता है। अगर ज्यादा थकान या कमजोरी महसूस हो रही हो, तो ब्लड टेस्ट कराकर विटामिन डी का स्तर जरूर जांचें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लक्षण की स्थिति में डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह अवश्य लें।
