South Africa : जोहान्सबर्ग। दक्षिण अफ्रीका के बेकर्सडाल में हुई गोलीबारी में कम से कम 9 लोग मारे गए, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला स्थानीय समयानुसार रात करीब 1 बजे हुआ, जब हथियारों से लैस हमलावरों का एक समूह दो वाहनों में सवार होकर एक शराबखाने में घुसा और वहां मौजूद ग्राहकों पर गोलियां चला दीं। पुलिस के अनुसार, हमले में करीब 12 संदिग्ध शामिल थे, जिन्होंने गोलीबारी के बाद घटनास्थल से फरार हो गए।
पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार किया
हमले के बाद पुलिस ने एक तलाशी अभियान शुरू किया और अंततः हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हमलावरों ने गोलीबारी के दौरान शराबखाने के बाहर भी कई लोगों को निशाना बनाया। कुछ घायल व्यक्तियों को अज्ञात बंदूकधारियों ने सड़क पर भी गोली मारी। हमलावरों की पहचान और हमले का संभावित मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, और पुलिस ने जांच जारी रखी है।
घायलों को अस्पताल भेजा गया
घायलों को त्वरित रूप से पास के अस्पतालों में भेजा गया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ितों की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस ने घटना स्थल से महत्वपूर्ण सबूत एकत्र करने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली है। पुलिस ने बताया कि हमले में शामिल संदिग्धों की पहचान करने के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
क्षेत्र में बढ़ती हिंसा और चिंता
बेकर्सडाल, जो जोहान्सबर्ग से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है, प्रमुख स्वर्ण खनन क्षेत्रों के निकट है। इस इलाके में हाल के वर्षों में हिंसक अपराधों की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। दक्षिण अफ्रीका में बंदूक हिंसा का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है, और शराबखानों जैसी सार्वजनिक जगहों पर गोलीबारी की घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए बढ़ती चिंता का कारण बन चुकी हैं।
अधिकारियों से अपील
पुलिस ने घटना से संबंधित जानकारी रखने वाले किसी भी व्यक्ति से आगे आने की अपील की है। फिलहाल, अधिकारियों ने इस गोलीबारी के पीछे के उद्देश्य को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, और इस मामले में आगे की जांच जारी है।
सुरक्षा स्थिति की गंभीरता
दक्षिण अफ्रीका में बढ़ती गोलीबारी की घटनाएं देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई हैं। विशेष रूप से सार्वजनिक स्थलों जैसे शराबखानों पर होने वाली सामूहिक हिंसा, दक्षिण अफ्रीका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन चुकी है।
