CG Assembly Winter Session 2025: रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत रविवार को नवीन विधानसभा भवन में हुई। सत्र के पहले ही दिन सदन में ‘अंजोर विज़न 2047’ को लेकर जोरदार चर्चा देखने को मिली। इस दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने विज़न डॉक्यूमेंट पर सवाल उठाते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला, जिसके बाद सदन में गहमागहमी की स्थिति बन गई।
अजय चंद्राकर ने विज़न 2047 को अधूरा बताते हुए कहा कि सरकार ने इसमें गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 1.25 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि कम हुई है और सिंचाई क्षेत्र भी घटा है, लेकिन सरकार यह नहीं बता पा रही कि यह गिरावट कैसे हुई। उन्होंने सतही जल के उपयोग को लेकर भी किसी ठोस नीति के अभाव का आरोप लगाया।
उद्योग नीति पर सवाल उठाते हुए चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 97 प्रतिशत लोग अनस्किल्ड हैं, जबकि केवल 3 प्रतिशत ही स्किल्ड हैं। ऐसे में उद्योग नीति किस उद्देश्य से बनाई या बार-बार संशोधित की जा रही है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि हर 10–15 दिन में नीति में बदलाव किया जा रहा है, लेकिन इसका लाभ प्रदेश के लोगों तक नहीं पहुंच रहा।
‘मेड इन छत्तीसगढ़’ के मुद्दे पर चंद्राकर ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश में मेक इन छत्तीसगढ़ या मेड इन छत्तीसगढ़ का कोई ठोस उदाहरण सामने नहीं आता। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किन सेक्टरों में मेड इन छत्तीसगढ़ को चिन्हित किया जा सकता है और कुटीर उद्योगों को किस नीति के तहत काम दिया जा रहा है। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में नई अवधारणाओं की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन आज तक प्रदेश के लोगों के हित में कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई।
चर्चा के दौरान मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल अजय चंद्राकर के बयानों से नाराज हो गए। उन्होंने सदन में खड़े होकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से आपत्ति जताते हुए व्यक्तिगत आरोपों पर नाराजगी जाहिर की और आपत्तिजनक अंश को विलोपित करने की मांग की। इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि उन्हें सदन के नियम सिखाने की जरूरत नहीं है। जवाब में श्यामबिहारी जायसवाल ने खुद को दूसरी बार का विधायक बताते हुए आरोपों पर आपत्ति दर्ज कराई।
विजन 2047 पर हुई इस बहस के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे सत्र के पहले दिन ही राजनीतिक माहौल गरमा गया।
