Smriti Mandhana: मुंबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने शादी टूटने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना बयान दिया है। हाल ही में उनकी शादी संगीत निर्देशक पलाश मुच्छल से टूट गई थी, जिसकी पुष्टि उन्होंने 7 दिसंबर को सोशल मीडिया पर की थी। इसके बाद 11 दिसंबर को एक मीडिया कार्यक्रम में वह पहली बार सामने आईं और अपने दिल की बात साझा की।
कार्यक्रम में मौजूद कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ स्मृति ने अपने करियर, संघर्ष और क्रिकेट के प्रति अपने जुनून पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में उन्हें समझ आ गया है कि क्रिकेट से बढ़कर उनके जीवन में कोई और चीज नहीं है।
स्मृति ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं क्रिकेट से ज्यादा किसी चीज से प्यार कर सकती हूं। भारतीय जर्सी पहनना ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है। जब आप देश के लिए खेलते हैं, तब बाकी सारी परेशानियां पीछे छूट जाती हैं।”

उन्होंने अपने बचपन की यादें भी साझा कीं और बताया कि उन्हें हमेशा से बैटिंग का जुनून था। कई लोग इसे नहीं समझते थे, लेकिन उनका सपना हमेशा साफ था दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल होना।
स्मृति ने टीम की सीनियर खिलाड़ी झूलन गोस्वामी का जिक्र करते हुए कहा कि विश्व कप जीतना सिर्फ एक ट्रॉफी जीतना नहीं था, बल्कि महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ी लड़ाई की जीत थी। उन्होंने बताया कि फाइनल जीतने के बाद झूलन की आंखों में आए आंसू पूरे टीम के त्याग और संघर्ष का प्रतीक थे।

इस बीच, स्मृति मंधाना को 21 दिसंबर से विशाखापत्तनम में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की श्रृंखला के लिए घोषित 15 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल किया गया है। यह श्रृंखला उनके करियर के लिए एक नया और अहम अध्याय साबित हो सकती है।
