डोंगरगढ़ : माँ बम्लेश्वरी मंदिर में उमड़ी आस्था, 1600 फीट ऊँची पहाड़ी पर गूंजे जयकारे
डोंगरगढ़/राजनांदगांव, छत्तीसगढ़।
राजनांदगांव जिले स्थित प्रसिद्ध माँ बम्लेश्वरी मंदिर में इन दिनों भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। लगभग 1600 फीट ऊँची पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह मंदिर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। यहाँ बड़ी बम्लेश्वरी माता और नीचे स्थित छोटी बम्लेश्वरी माता के दो मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र हैं।
नवरात्रि में रौनक चरम पर
नवरात्रि के पावन अवसर पर डोंगरगढ़ में अद्भुत धार्मिक माहौल बना हुआ है। भक्त बड़ी संख्या में पहुँचकर ज्योति कलश प्रज्वलित कर रहे हैं और माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है। जिला प्रशासन व मंदिर ट्रस्ट ने भी भक्तों की सुविधा के लिए सुरक्षा और प्रबंधन के विशेष इंतज़ाम किए हैं।
रोपवे और सीढ़ियों से भक्तों को सुविधा

मंदिर पहुँचने के लिए 1100 से अधिक सीढ़ियों का मार्ग है, लेकिन पैदल चलने में असमर्थ और वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए रोपवे की व्यवस्था विशेष राहत देती है। रोपवे से हर दिन हजारों श्रद्धालु सुरक्षित रूप से मंदिर पहुंच रहे हैं।
इतिहास और अध्यात्म का संगम
माँ बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास कई शताब्दियों पुराना माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार माता की दिव्य उपस्थिति के कारण ही डोंगरगढ़ क्षेत्र को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। पहाड़ी के ऊपर से आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत दृश्य भी दिखाई देता है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है।
व्यापारियों में भी उत्साह
भक्तों की बढ़ी आवाजाही से स्थानीय व्यापारियों, होटल और परिवहन सेवाओं में भी रौनक बढ़ गई है। शहर के बाजारों में धार्मिक सामग्री, प्रसाद और खिलौनों की दुकानों पर अच्छी खासी चहल-पहल देखी जा रही है।
भक्तों से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले समय में धैर्य रखें, सुरक्षा नियमों का पालन करें और रोपवे का उपयोग करते समय निर्धारित निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करें।
