छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 नवम्बर को आयोजित होने वाले राज्योत्सव के अवसर पर दानवीर भामाशाह सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान का उद्देश्य समाज में दानशीलता, सौहार्द्र और अनुकरणीय सहायता की भावना को प्रोत्साहित करना है।
इस सम्मान के अंतर्गत चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को 1 लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
आवेदन की अंतिम तिथि
इच्छुक व्यक्ति या संस्थाएं इस पुरस्कार के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवेदन पत्र 21 सितम्बर 2025 तक जमा कर सकते हैं। इसके लिए समाज कल्याण विभाग के सहायक संचालक कार्यालय (पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने, गौरेला) से संपर्क किया जा सकता है।
भामाशाह : दान और देशभक्ति का प्रतीक
इतिहास में भामाशाह का नाम दानवीरता और देशभक्ति के लिए अमर है। वे एक प्रसिद्ध व्यापारी और सेनापति थे, जिन्होंने हल्दीघाटी युद्ध के बाद महाराणा प्रताप की आर्थिक स्थिति को देखकर उन्हें संपूर्ण सहयोग प्रदान किया। भामाशाह और उनके भाई ताराचंद ने महाराणा प्रताप को 20 लाख स्वर्ण मुद्राएँ और 25 करोड़ रुपये दिए, जिससे वे नई सेना संगठित कर सके।
उनकी इस दानशीलता और देशभक्ति ने उन्हें इतिहास में अमर कर दिया है और इसी प्रेरणा से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दानवीर भामाशाह पुरस्कार की शुरुआत की गई है।
