रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर से छत्तीसगढ़ के बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता लाने के लिए मिशन अंतरिक्ष और प्रोजेक्ट जय विज्ञान अभियान की शुरुआत की। इस पहल के तहत बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी विषयों की महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
इस कार्यक्रम के दौरान, जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स फाउंडेशन तथा विज्ञान भारती के बीच दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौते बच्चों को विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के विषयों पर गहन जानकारी प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को उनकी अंतरिक्ष यात्रा की सफलता पर बधाई दी और कहा कि यह छत्तीसगढ़ के बच्चों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका का भी सम्मान किया और उन्हें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, यह जीवन जीने का एक तरीका है। यह सवाल पूछने और तर्क करने की शक्ति देता है और समस्याओं का समाधान खोजने में मदद करता है। मुझे विश्वास है कि प्रोजेक्ट जय विज्ञान के तहत आयोजित कार्यशालाएं, विज्ञान प्रदर्शनियां, प्रतियोगिताएं और नवाचारी परियोजनाएं बच्चों को आत्मविश्वास और नई चीजें सीखने का अवसर देंगी।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ के बच्चे न केवल ज्ञान के उपभोक्ता बनेंगे, बल्कि वे नए विचारों और खोजों के सृजनकर्ता भी बनेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञान-आधारित समाज की सच्ची नींव है।
उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे शुभांशु शुक्ला से प्रेरणा लेकर अपनी रुचियों का पालन करें और अपने सपनों को पूरा कर देश का नाम रोशन करें।

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने कहा, “मुझे जो अवसर प्राप्त हुआ है, उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना मेरी जिम्मेदारी है। मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष आभार व्यक्त करता हूं कि उनकी पहल से इस तरह के सार्थक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। जब प्रदेश का नेतृत्व विज्ञान और शिक्षा से जुड़ी पहल को महत्व देता है, तो इसका सकारात्मक असर बच्चों पर पड़ता है और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की प्रेरणा मिलती है।”
इस मौके पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कलेक्टर रायपुर गौरव कुमार सिंह, प्रदेशभर के स्कूली छात्र-छात्राएं और शिक्षकगण मौजूद थे।
