नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर सांसद महेश कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की और उन्हें बस्तर दशहरे में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। इस मौके पर सांसद अपने परिवार के सदस्यों धर्मपत्नी चंपा कश्यप और सुपुत्री क्षमता कश्यप के साथ मौजूद थे। पीएम मोदी ने इस निमंत्रण को स्नेह और उत्साह के साथ स्वीकार किया और भरोसा दिलाया कि वे समय निकालकर इस सांस्कृतिक महोत्सव में हिस्सा लेने का प्रयास करेंगे।
बस्तर की सांस्कृतिक झलक
सांसद महेश कश्यप ने पीएम मोदी को बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आभार जताया और कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 11 वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इस दौरान सांसद की सुपुत्री क्षमता ने पीएम मोदी का सादर स्वागत किया, जिससे पीएम मोदी ने बच्ची को टॉफी देकर स्नेह व्यक्त किया।
बस्तर दशहरा: विश्व का सबसे लंबा उत्सव
बस्तर दशहरा, जो 75 दिनों तक मनाया जाता है, अपनी अद्वितीय आदिवासी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यह पर्व भगवान राम पर आधारित नहीं बल्कि स्थानीय देवी-देवताओं और आदिवासी रीति-रिवाजों से जुड़ा है। इस वर्ष यह उत्सव 4 अगस्त से 19 अक्टूबर तक चल रहा है, जिसमें मुरिया दरबार, रथ परिक्रमा, मावली परघाव जैसे अनुष्ठान शामिल हैं। सांसद कश्यप ने पीएम मोदी को इस पर्व की महत्ता बताते हुए इसमें शामिल होने का आग्रह किया।

पीएम मोदी का आश्वासन और बस्तर में उत्साह
प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर दशहरे में भाग लेने का आश्वासन दिया। इस निर्णय से बस्तरवासियों और स्थानीय नेताओं में उत्साह का माहौल बन गया है। सांसद महेश कश्यप ने इसे बस्तर के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह अवसर क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर उजागर करने में मदद करेगा।
बस्तर के विकास पर भी हुई चर्चा
मुलाकात के दौरान सांसद ने बस्तर के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं, जैसे बोधघाट डैम और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना, के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। कश्यप ने कहा कि इन परियोजनाओं से बस्तर में सिंचाई, बिजली और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदल सकती है।