रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों में महतारी सदन के निर्माण की योजना के तहत प्रथम चरण में 166 महतारी सदनों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना महिलाओं की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने, समुदाय में समरसता सुनिश्चित करने और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
मनेंद्रगढ़ में तीन महतारी सदन स्वीकृत
प्रथम चरण में स्वीकृत 166 महतारी सदनों में से तीन सदन मनेंद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के लिए मंजूर किए गए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश के अनुसार, दुग्गी, कटकोना और ठग्गांव ग्राम पंचायतों में ये महतारी सदन बनाए जाएंगे। प्रत्येक सदन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है।
महतारी सदन में उपलब्ध सुविधाएं
हर महतारी सदन का निर्माण 2500 वर्गफुट क्षेत्र में किया जाएगा। इसमें महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- कमरा और बरामदा: सामुदायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान।
- हॉल: सामूहिक आयोजनों और बैठकों के लिए।
- किचन और स्टोररूम: खाना बनाने और सामग्री भंडारण की सुविधा।
- पेयजल के लिए ट्यूबवेल: स्वच्छ पानी की उपलब्धता।
- सामुदायिक शौचालय: स्वच्छता और सुविधा के लिए।
महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का नया केंद्र
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस पहल के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सामाजिक समरसता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि ये सदन महिलाओं को सामूहिक गतिविधियों में भाग लेने और अपने कौशल को निखारने का अवसर प्रदान करेंगे।