पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने सोमवार को भारत के खिलाफ एक बार फिर युद्ध की धमकी दी है। यह बयान पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर द्वारा भारत को परमाणु हमले की चेतावनी देने के एक दिन बाद आया है।
सिंध सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, भुट्टो ने आरोप लगाया कि भारत ने सिंधु जल संधि में बदलाव करके पाकिस्तान की जल आपूर्ति बाधित करने की कोशिश की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंधु नदी पर ‘हमले’ की घोषणा करते हैं, तो यह पाकिस्तान के इतिहास, संस्कृति और सभ्यता पर हमला होगा।
भुट्टो ने कहा, “हर पाकिस्तानी युद्ध लड़ने के लिए तैयार है… पाकिस्तान अपनी सभी छह नदियों पर पुनः अधिकार कर सकता है।” उन्होंने दावा किया कि भारत की “आक्रामक जल नीति” को लेकर उन्होंने विदेशों में भी आवाज उठाई है।
यह बयान उस समय आया है जब भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के बाद 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने और सीमा पार हमलों की योजना बनाने का आरोप लगाया है।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की इन धमकियों को “परमाणु ब्लैकमेल” करार देते हुए कहा कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान की परमाणु कमान और नियंत्रण पर भी गंभीर सवाल उठाए।
पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंधों में तनाव बढ़ गया है। नई दिल्ली ने पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक कदम उठाए हैं, जिनमें इस्लामाबाद में भारतीय मिशन का आकार घटाना और पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करना शामिल है।
इसी बीच, दोनों देशों के बीच सीमा पर चार दिनों तक शत्रुता जारी रही। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर निशाना साधा, कई हवाई ठिकानों को नुकसान पहुंचाया और मिसाइल एवं ड्रोन हमलों को नाकाम किया।