पटना | 12 जुलाई 2025
बिहार सरकार ने राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘बिहार नवीकरणीय ऊर्जा नीति-2025’ को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत सरकार का लक्ष्य 2029-30 तक 23.97 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और 6.1 गीगावाट घंटे (GWh) ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करना है।
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह नीति न केवल ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि भारत के 2070 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य में भी अहम भूमिका निभाएगी।
प्रमुख विशेषताएं:
- ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य: 23.97 GW (गीगावाट)
- ऊर्जा भंडारण क्षमता: 6.1 GWh (गीगावाट घंटे)
- एकल-खिड़की मंजूरी प्रणाली से परियोजनाओं को तेजी से स्वीकृति
- 15 वर्षों तक बिजली शुल्क से छूट और 25 वर्षों के लिए ओपन एक्सेस सुविधा
प्रोत्साहन और लाभ:
- राज्य जीएसटी, भूमि रूपांतरण शुल्क और स्टांप शुल्क की 100% वापसी
- निवेशकों के लिए आकर्षक अनुदान, विशेषकर सोलर, पवन, हाइड्रो और बायोएनर्जी परियोजनाओं में
- रोजगार सृजन, स्थानीय नवाचार और समावेशी विकास को प्राथमिकता
राज्य के ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा, “यह देश की सबसे प्रगतिशील नीतियों में से एक है। इसके जरिए बिहार न केवल स्वच्छ ऊर्जा में अग्रणी बनेगा, बल्कि निवेश और रोजगार का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।”
राज्य सरकार का मानना है कि यह नीति बिहार को नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भारत का प्रमुख निवेश गंतव्य बना देगी।