मध्य पूर्व में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल, इराक और कतर पर ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद अब पाकिस्तान भी खतरे की जद में आ गया है। ईरान समर्थित लड़ाकों द्वारा सीरिया में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि अगला निशाना पाकिस्तान हो सकता है।
पाकिस्तानी एयरस्पेस के इस्तेमाल से भड़का ईरान
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने अपने बी-2 बॉम्बर्स को ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने के लिए पाकिस्तान के एयरस्पेस का उपयोग किया। इस दावे के बाद हालात बिगड़ते चले गए। ईरान के पाकिस्तान स्थित राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने चेतावनी दी कि उनका देश अमेरिका के सहयोगियों और उसकी संपत्तियों को निशाना बना सकता है। इस क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों में पाकिस्तान भी शामिल है।
इस्लामाबाद में हड़कंप, इमरजेंसी मीटिंग बुलाई
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तुरंत नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) की आपात बैठक बुलाई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में संभावित खतरे और ईरान की धमकी का रणनीतिक जवाब तैयार किया जा रहा है।
इजरायल में भारी तबाही, चार शव बरामद
वहीं, इजरायल के बीरशेबा शहर में ईरान के मिसाइल हमले ने भारी तबाही मचाई। एक आवासीय इमारत पर हुए हमले में चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं। कुछ दिन पहले इसी शहर के अस्पताल पर भी ईरान की मिसाइलों ने कहर बरपाया था। इजरायली सेना ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
क्या वाकई हुआ संघर्षविराम?
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यह घोषणा की थी कि ईरान और इजरायल संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत दिख रही है। इजरायल पर हमले ईरान के स्थानीय समय अनुसार सुबह 4 बजे के बाद हुए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि यदि इजरायल हवाई हमले रोकता है, तो ईरान भी रुकेगा।
निष्कर्ष:
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव ने पूरे मध्य पूर्व को एक युद्धक्षेत्र में बदल दिया है। अब यह संकट दक्षिण एशिया तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान को लेकर ईरान के तेवर यह संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका की मदद करने वाला कोई भी देश अब सुरक्षित नहीं है।